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आपसी खींचतान के चलते पोस्टमार्टम में हुई देरी, पूरी रात परेशान हुए परिजन, आखिर इसके लिए कौन है जिम्मेदार…?

केकड़ी. नीरज जैन ‘लोढा’ (आदित्य न्यूज नेटवर्क) यहां आपसी खींचतान के कारण सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के पोस्टमार्टम में देरी करने का मामला सामने आया है। पोस्टमार्टम में हुई देरी के कारण परिजन को पूरी रात परेशानी उठानी पड़ी। इस संबंध में मृतक के परिजन ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रशासन ने संबंधित चिकित्सक को नोटिस देकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए है। वहीं संबंधित चिकित्सक ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। मामले के अनुसार मंगलवार को बिसुन्दनी हाल आदर्श नगर निवासी भंवरलाल जैन की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन ने शाम 5 बजकर 11 मिनट पर मृत्यु घोषित करते हुए पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए पुलिस व संबंधित चिकित्सक को 5.15 बजे सूचना भिजवा दी। सूचना पर सदर थाना पुलिस के हैड कान्स्टेबल सम्पतराज मीणा एवं एमएलओ डॉ. रोहित मीणा अस्पताल पहुंच गए। परिजन का आरोप है कि चिकित्सक ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया तथा परिजन के साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना था कि सूर्यास्त में काफी समय शेष था, इसके बावजूद चिकित्सक ने जान बूझकर देरी की। सूचना पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. गणपतराज पुरी भी अस्पताल पहुंच गए तथा चिकित्सक से पोस्टमार्टम करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सूर्यास्त का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। इस दौरान चिकित्सकों व परिजन के मध्य नोकझोक भी हुई। इस संबंध में मृतक भंवरलाल जैन के पुत्र अभिषेक जैन ने उपखण्ड अधिकारी विकास पंचोली को ज्ञापन सौंप कर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इधर क्षेत्राधिकार के मामले में पुलिस का कहना रहा कि कोहड़ा के समीप हादसे की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंच गई तथा आवश्यक कार्रवाई शुरु कर दी। बातचीत के दौरान पता चला कि हादसा केकड़ी शहर थाना पुलिस के इलाके में हुआ है। इसके बाद शहर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची तब तक सूर्यास्त हो गया।

इनका कहना है— सड़क हादसे में मृत भंवरलाल जैन के पुत्र अभिषेक जैन ने ज्ञापन दिया है। इस संबंध में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। विकास पंचोली, उपखण्ड अधिकारी, केकड़ी

आमजन से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता रखनी पड़ती है। सूचना मिलने पर मैं खुद अस्पताल गया था तथा परिजन से बात की थी। पुलिस कार्रवाई के कारण देरी हुई तथा सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम नहीं हो सकता है, ये दोनों बात सही है। लेकिन चिकित्सक का बातचीत करने का तरीका सही नहीं था। नोटिस देकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए है। डॉ. गणपतराज पुरी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, राजकीय जिला चिकित्सालय, केकड़ी

सड़क हादसे में मृत्यु की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंच गया था। उस समय सूर्यास्त नहीं हुआ था। लेकिन पुलिस के क्षेत्राधिकार का मामला अटका होने के कारण उन्हें पंचनामा नहीं दिया गया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पुलिस से पंचनामा मिलने के बाद ही शुरु की जा सकती है। जब तक पंचनामा प्राप्त हुआ तब तक सूर्यास्त हो चुका था। सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम करना नियम विरुद्ध है। वैसे भी सरकार ने उनकी नियुक्ति पोस्टमार्टम के लिए ही की है, ऐसे में पोस्टमार्टम के लिए मना करने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता। दबाव में आकर नियम विरुद्ध कार्य करना सही नहीं है तथा भविष्य में भी वे किसी के दबाव में आकर नियमों के विपरित कार्य नहीं करेंगे। डॉ. रोहित मीणा, मेडिको लीगल ऑफिसर, राजकीय जिला चिकित्सालय, केकड़ी

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