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उपनिषदों में प्रतिपादित एकात्मता तत्त्व से रूबरू करवा रही आध्यात्मिक चेतना यात्रा

केकड़ी (आदित्य न्यूज नेटवर्क) देश के सुप्रसिद्ध यडतोरे योगानंदेश्वर सरस्वतीमठ मैसूर कर्नाटक के शंकर भारती महास्वामी महाराज का रविवार को शक्करगढ़ स्थित श्री अमर ज्ञान निरंजनी आश्रम पहुंचने पर कई श्रद्धालु महिला पुरुषों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश पुरी महाराज द्वारा उनकी अगवानी की तत्पश्चात महास्वामी शंकर भारती महाराज ने आश्रम में प्रवेश किया। जहां वेद ध्वनि के साथ पुष्प बिछाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर आश्रम में आकर्षक सजावट कर पूरे आश्रम में रेड कारपेट बिछाया गया तथा उस पर पीला पगमंडा बिछाकर महा स्वामी का जोरदार स्वागत किया गया। स्वागत के दौरान समूचा आश्रम परिसर सनातन धर्म की जय जयकार से गूंज उठा। वेदांत भारती के निदेशक श्रीधर हेगड़े ने बताया कि भौतिकवादिता के इस दौर में लोग धर्म संस्कृति और संस्कारों से विमुख होते जा रहे हैं। ऐसे में आम जन को उपनिषदों में प्रतिपादित एकात्मता तत्त्व से रूबरू करवाने के साथ ही शंकरभगवत्पादाचार्यजी के भाष्यों, प्रकरणग्रन्थों और स्तोत्रसाहित्य का सर्वत्र प्रचार करने के लिए पूरे देश में श्रीशंकर भारती महास्वामी के नेतृत्व में आध्यात्मिक चेतना यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 8 दिसंबर को बेंगलुरु से रवाना होकर गोवा, पुणे, मुंबई व गुजरात होते हुए राजस्थान के कई बड़े शहरों में भ्रमण करते हुए रविवार को शकरगढ़ पहुंची है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा आगामी 25 फरवरी तक लगातार जारी रहेगी। इस दौरान राजस्थान के कई बड़े शहरों में श्रीशंकर भारती महास्वामी द्वारा आमजन को उपनिषदों का संदेश दिया जाएगा।
गौशाला को देखकर हुए अभिभूत शक्करगढ़ स्थित आश्रम पहुंचने के बाद शंकर भारती महास्वामी ने महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश पुरी महाराज के साथ आश्रम द्वारा संचालित गौशाला का अवलोकन किया। इस दौरान आश्रम में की जा रही गौ सेवा को देखकर महास्वामी काफी अभिभूत हुए। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से गायों को गुड व फल आदि खिलाए। महास्वामी द्वारा गौशाला का निरीक्षण किए जाने के दौरान आश्रम के ब्रह्मचारी हंस चैतन्य, महेंद्र चैतन्य, नारायण चैतन्य व परमानंद चैतन्य सहित अन्य कई श्रद्धालु महिला पुरुष मौजूद थे।

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