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राजपूत समाज ने बेनीवाल के खिलाफ खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री के नाम लिखा ज्ञापन सौंपकर कहा— समाज के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त नहीं

केकड़ी: उपखण्ड कार्यालय में ज्ञापन सौंपते राजपूत समाज के लोग।

केकड़ी, 26 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा राजपूत समाज के प्रमुख समाजसेवी मेघराज सिंह रॉयल के बारे में की गई अपमानजनक टिप्पणी को लेकर राजपूत समाज ने सोमवार को यहां उपखण्ड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम लिखा ज्ञापन सौंपकर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। जय राजपूताना संघ के बैनर तले जुटे राजपूत समाज के लोगों ने बताया कि मेघराज सिंह रॉयल प्रतिष्ठित समाजसेवी, भामाशाह व विधिसम्मत कार्य करने वाले सम्मानित व्यवसायी है।
राजकोष में जमा करा रहे है टैक्स की राशि मेघराज सिंह रॉयल सभी कौमो को साथ लेकर रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। विभिन्न प्रकार के टैक्स की राशि संग्रहित कर राजकोष में जमा करवा रहे है तथा राज्य की आर्थिक समृद्धि में योगदान कर रहे हैं। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मेघराज सिंह के खिलाफ बेहद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। इससे राजपूत समाज में रोष है। न्यायालय द्वारा बजरी खनन पर रोक लगाए जाने के कारण पिछले कुछ सालों में अवैध बजरी खनन से जुड़े माफिया ने जड़े जमाना शुरु कर दिया।

टिप्पणियों से पहुंचा आघात पिछले कुछ समय से मेघराज सिंह रॉयल ने वैध रूप से राज्य सरकार से निर्धारित प्रक्रिया द्वारा स्वीकृति प्राप्त कर बजरी खनन की रॉयल्टी संग्रहण कर कार्य प्रारंभ किया है, इसके कारण अवैध खनन माफिया परेशान है। अवैध खननकर्ताओं के हितों पर चोट पहुंचने से परेशान सांसद हनुमान बेनीवाल अनर्गल टिप्पणियां कर आपसी विश्वास को आघात पहुंचा रहे है। इससे समाज में विद्वेष व वैमनस्य की भावना को बल मिल रहा है। राज्य सरकार को हनुमान बेनीवाल के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे राज्य का आपसी सौहार्द कायम रह सके।
ये रहे मौजूद इस मौके पर श्री राजपूत सभा अजमेर के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह ढोंस, बहादुर सिंह पीपलाज, विक्रम सिंह नयावास, भुपेंद्र सिंह कोहड़ा (अध्यक्ष बार एसोशियन केकड़ी), गजराज सिंह आमल्दा, धर्मेंद्र सिंह सांकरिया, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह सांकरिया, भगवान सिंह निमोद, रविंद्र सिंह पीपलाज, भानु प्रताप सिंह डोराई, शंकर सिंह निमोद, भानु प्रताप सिंह स्यार, हिम्मत सिंह सारांश समेत समाज के कई जने मौजूद रहे।

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