केकड़ी, 05 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): जयपुर रोड स्थित एक विवादित मकान पर न्यायालय के आदेश की पालना कराने पहुंची पुलिस व न्यायिक टीम को कब्जेधारी के विरोध का सामना करना पड़ा। करीब छह घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद टीम को कार्रवाई स्थगित कर खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। यह मामला करीब 15 वर्ष पुराना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मकान को दिवंगत मिलापचंद ने वर्ष 2010 में न्यायालयीन नीलामी में खरीदा था।

पूर्व में सौंपा जा चुका है कब्जा: वर्ष 2011 में पुलिस की उपस्थिति में उन्हें कब्जा भी सौंपा गया था, लेकिन आरोप है कि बाद में विपक्षी बालू शेरावत के परिजनों ने ताला तोड़कर पुनः कब्जा कर लिया। इसके बाद केकड़ी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्यायालय ने डिक्रीधारकों (मिलापचंद के वारिसान) के पक्ष में आदेश देते हुए पुलिस सहायता से कब्जा दिलाने के निर्देश दिए थे।

6 घंटे तक अटकी रही सांसें: गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जब न्यायिक कर्मचारी व पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा, तो वर्तमान कब्जाधारी बद्री पुत्र बालू शेरावत दूसरी मंजिल की कच्ची छत पर चढ़ गया। उसने चेतावनी दी कि यदि उसे बेदखल करने की कोशिश की गई तो वह छत से कूदकर आत्महत्या कर लेगा। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई व स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

समझाइश रही बेअसर, टली कार्यवाही: थानाधिकारी कुसुमलता मीणा व पुलिसकर्मियों ने काफी समझाइश की, लेकिन व्यक्ति नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। वह बार-बार किसी के भी ऊपर आने पर जान देने की धमकी देता रहा। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए बल प्रयोग से परहेज किया। अंततः शाम 5 बजे सुरक्षा व शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए टीम को कार्यवाही स्थगित कर वापस लौटना पड़ा।

