केकड़ी, 24 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): विदेश में आकर्षक नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को बंधक बनाने व उनसे जबरन साइबर अपराध करवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के प्रयासों से म्यांमार व थाईलैंड से सुरक्षित बचाकर लाए गए 500 भारतीय नागरिकों में केकड़ी का एक युवक भी शामिल है। पीड़ित की आपबीती के आधार पर शहर थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी व मानव तस्करी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नौकरी के नाम पर दिया झांसा: पुलिस के अनुसार मीणों का मोहल्ला कणौंज निवासी शंकर लाल प्रजापत पुत्र राकेश कुमार को गुड़गांव निवासी एजेंट हिमांशु व दिल्ली निवासी राही अहमद ने विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके बदले एजेंटों ने लाखों रुपए ऐंठ लिए। लेकिन वहां पहुंचने पर शंकर लाल को म्यांमार व थाईलैंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों के हवाले कर दिया गया। वहां उसे बंधक बनाकर जबरन साइबर ठगी के कामों में धकेल दिया गया।

सरकार ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन: गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत हाल ही में लगभग 500 भारतीयों को इन देशों के चंगुल से छुड़ाकर भारत लाया गया है। स्वदेश लौटने के बाद पीड़ित शंकर लाल ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अजमेर में अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अब कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

जांच में जुटी पुलिस: उप अधीक्षक पुलिस (साइबर अपराध) शमशेर खान के निर्देश पर केकड़ी शहर थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी एजेंट हिमांशु व राही अहमद के विरुद्ध बीएनएस की धारा 143(2), 318(4), 61(2), 127(2) (धोखाधड़ी व षड्यंत्र), इमीग्रेशन एक्ट की धारा 10 व 24 एवं आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में अनुसंधान एसआई बनवारी लाल मीणा कर रहे है। पुलिस अब उन बैंक खातों व मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है, जिनके जरिए ठगी की राशि का लेनदेन हुआ था।

