केकड़ी, 11 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): शहर थाना पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर‘ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके खाते में मात्र 18 दिनों के भीतर लाखों रुपये की साइबर फ्रॉड राशि का लेनदेन पाया गया है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील व पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा के निकटतम सुपरविजन एवं थानाधिकारी अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जांच के दौरान पाया कि प्रान्हेड़ा निवासी अशोक कुमार रेगर पुत्र चेतन प्रकाश रेगर के नाम पर यस बैंक लिमिटेड में संचालित एक खाते में 1 अगस्त 2025 से 18 अगस्त 2025 के बीच संदिग्ध रूप से लाखों रुपये प्राप्त हुए। जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने अपना बैंक खाता किसी जानकार को उपयोग के लिए देना स्वीकार किया।

देश के 7 राज्यों से जुड़ी हैं शिकायतें: समन्वय पोर्टल पर जांच करने पर पता चला कि इस अकेले खाते के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से 8 साइबर शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल 17,92,271.28 रुपए की धोखाधड़ी की राशि आना पाया गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस खाते में देश के अलग-अलग कोनों में की गई ठगी का पैसा ट्रांसफर किया गया है। जिसमे तेलंगाना से 23 हजार रुपए, उत्तर प्रदेश वाराणसी के गोलाघाट से करीब 49 हजार रुपए, महाराष्ट्र में मुंबई व पिंपरी चिंचवाड़ से कुल 1 लाख रुपए, गुजरात में अहमदाबाद से 1.50 लाख रुपए, कर्नाटक में बेंगलुरु से 30 हजार रुपए, बिहार में पटना से करीब 1 लाख रुपए व ओडिशा के बालोसर से 36 हजार रुपए की ठगी की रकम शामिल है।

न्यायालय ने भेजा जेल: पुलिस ने अशोक कुमार रेगर को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 61(2)(ए) व आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय कारागृह अजमेर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी अनिल कुमार शर्मा के साथ एसआई बनवारीलाल मीणा, कॉन्स्टेबल नीरज कुमार, तेजमल व धनराज की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य साइबर अपराधियों और ‘म्यूल अकाउंट्स‘ के नेटवर्क को खंगाल रही है।

