केकड़ी, 21 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): शैक्षिक सत्र 2026-27 के सत्रारंभ अवसर पर आयोजित दो दिवसीय वाकपीठ संगोष्ठी का समापन मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों व प्रबुद्ध शिक्षाविदों ने आगामी सत्र की कार्ययोजना व नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि गोविंद नारायण शर्मा (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अजमेर) ने सदन को संबोधित करते हुए नवीन शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन व सत्रारंभ में किए जाने वाले आवश्यक कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि दर्शना शर्मा (जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक) ने जिला रैंकिंग के नवीन पैरामीटर्स के बारे में बताते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विष्णु शर्मा ने प्रशासनिक कार्यों की सुगमता के लिए पेंशन प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए।

महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा: मीडिया प्रभारी व्याख्याता परिचय पांडे ने बताया कि संगोष्ठी के दौरान वार्ताकार श्रीधर जाट, गुलाबचंद पवार, रामधन कुमावत, राकेश कुमार जैन, योगेश आचार्य, भागीरथ बगालिया, भंवरलाल जाट व रजनी लखोटिया ने शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं पर विचार रखे। इन्होंने एसएमसी (SMC) का विद्यालय विकास में योगदान, व्यावसायिक शिक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन व कौशल विकास एवं बालिका शिक्षा संबंधी लाभकारी योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन आदि विषयों पर प्रभावी वार्ताएं प्रस्तुत की।

कार्यक्रम की रूपरेखा: कार्यक्रम की अध्यक्षता हेमेंद्र चौधरी (प्रधानाचार्य, खवास) ने की व सचिव हेमन पाठक (प्रधानाचार्य, बालिका विद्यालय) ने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के संयोजक उप प्राचार्य रमाकांत पारीक रहे। मंच संचालन रामजस साहू ने किया। इस अवसर पर उपप्राचार्य ऋतु पाराशर, व्याख्याता रमेश डसानिया, सुरेश चौधरी, संजय सैनी, डॉ. गोपाल, देवेंद्र धाधौलिया, शंकर लाल रेगर, वेणु सेन, रेखा शर्मा, अनिता सैनी, रमा दाधीच, सरिता साहू व शारीरिक शिक्षक गुलाब मेघवंशी, नरेंद्र सिंह भाटी सहित समस्त शाला स्टाफ उपस्थित रहा।


