Homeशासन प्रशासनभीषण अग्निकांड: हजारों क्विंटल सरसों का कूटा जलकर खाक, लाखों का नुकसान,...

भीषण अग्निकांड: हजारों क्विंटल सरसों का कूटा जलकर खाक, लाखों का नुकसान, तीन शहरों की दमकलों ने बमुश्किल पाया आग पर काबू

केकड़ी, 24 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सरवाड़ कस्बे के फतहगढ़ रोड स्थित एक खेत पर रविवार को जमा किए गए सरसों के कूटे (तूड़ी/चारा) में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि हजारों क्विंटल सरसों का कूटा जलकर खाक हो गया। आसमान में उठे धुएं के गुबार को देखकर मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस व सरवाड़, केकड़ी तथा अजमेर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। करीब 5 घंटे की भारी मशक्कत के बाद आग पर बमुश्किल काबू पाया जा सका।

करीब 15 हजार क्विंटल कूटा था जमा: प्राप्त जानकारी के अनुसार सरवाड़ निवासी मोहम्मद अयूब ने फतहगढ़ रोड स्थित एक खेत पर लगभग 15 हजार क्विंटल सरसों का कूटा जमा कर रखा था। रविवार सुबह करीब 11:30 बजे अचानक इस विशाल ढेर में आग लग गई। भीषण गर्मी व तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैली व लपटें आसमान छूने लगीं। कुछ ही देर में पूरा इलाका काले धुएं के गुबार से घिर गया।

केकड़ी: सरवाड़ में फतहगढ़ रोड पर सरसों के कूटे में लगी आग बुझाते ग्रामीण व दमकलकर्मी।

क्रेन व टैंकरों की ली गई मदद: आग की भयावहता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचित किया। दमकल के पहुंचने से पहले स्थानीय स्तर पर पानी के टैंकर मंगाकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। आग कूटे के ढेर के अंदर तक न फैले, इसके लिए जेसीबी मशीन बुलाकर कूटे के ढेर को चारों तरफ फैलाया गया। इसके बाद सरवाड़, केकड़ी व अजमेर से पहुंची दमकल की गाड़ियों ने लगातार पानी की बौछारें कर 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया।

लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान: आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक सटीक पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी व लू के चलते अथवा किसी राहगीर द्वारा जलती हुई बीड़ी फेंक देने से यह हादसा हुआ होगा। इस अग्निकांड में करीब 5 हजार क्विंटल सरसों का कूटा जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया, जिसकी बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपएआंकी जा रही है। पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे पास के अन्य खेतों व बस्तियों में बड़ा नुकसान होने से टल गया।

RELATED ARTICLES