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शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का दीक्षांत समारोह संपन्न; दुर्गाओं को मिला राष्ट्रसेवा व आत्मरक्षा का मंत्र, हिंदू समाज को संगठित करने के संकल्प के साथ विदा हुईं बहनें

केकड़ी, 24 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): विश्व हिंदू परिषद दुर्गावाहिनी चितौड़ प्रांत के सप्त दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का दीक्षांत कार्यक्रम गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण वर्ग के समापन पर सभी प्रशिक्षणार्थी बहनों द्वारा संगठन कार्य विस्तार व हिंदू समाज को संगठित करने के दृढ़ संकल्प के साथ अपने-अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान किया गया। दीक्षांत समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रांत मंत्री कौशल गौड़ ने “संगठन गढे चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो” की भावना को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए सभी को राष्ट्रसेवा का मूल मंत्र प्रदान किया। शौर्य प्रशिक्षण प्राप्त कर निकलीं ये बहनें अब अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर हिंदू समाज को जागरूक व संगठित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

बहनों ने लिया शौर्य विधाओं का कड़ा प्रशिक्षण: विश्व हिंदू परिषद अजयमेरू के जिलामंत्री गोविंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सप्त दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में प्रांत भर से आई बहनों को आत्मरक्षा व शौर्य का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया। बहनों को शारीरिक व मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विधाओं का अभ्यास कराया गया। इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्व संपन्न कराने में शिक्षक टोली की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसमें मुख्य शिक्षिका शिवानी कुशवाह, सह मुख्य शिक्षिका प्रीति मानावत, नियुद्ध प्रमुख लक्षिता सोनी, दंड प्रमुख डिंपल त्रिवेदी, यष्टी प्रमुख आयुषी माली, छुरिका प्रमुख रिया मानवत, तलवार प्रमुख कनिष्का लखारा, समता प्रमुख योगिता दायमा, योगासन प्रमुख निधि जैन, शिक्षण विधि उर्वशी सोलंकी, खेल प्रमुख साक्षी सोनी एवं लक्ष्य भेद प्रमुख अंजना कुमावत प्रमुख है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्थाएं: सात दिनों तक चले इस वृहद और अनुशासित प्रशिक्षण वर्ग की तमाम व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में स्थानीय संगठन के कार्यकर्ताओं व प्रबुद्ध नागरिकों का सराहनीय सहयोग रहा। इस दौरान हीराचंद खूंटेटा, चांदमल जैन, रमेश शास्त्री, मुकेश शर्मा एडवोकेट, रामावतार चौधरी, मदन चौधरी, जगेश्वर शर्मा, कैलाश साहू, ज्ञानचंद शर्मा, ताराचंद नामा, राजेंद्र फतेहपुरिया, ओमप्रकाश सोनी, विनीता जोशी व सरोज विजय इत्यादि कार्यकर्ताओं ने विभिन्न दायित्वों को संभालते हुए व्यवस्थाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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