बोलारम (तेलंगाना), 17 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): श्री संघ शास्ता वर्षावास-2026 के अंतर्गत सूरि सम्राट, राष्ट्ररत्न, अवंती तीर्थोद्धारक, खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिनमणिप्रभसूरीश्वर जी महाराज साहब व गणिवर्य मयंकप्रभसागर जी महाराज साहब आदि ठाणा-9 की पावन निश्रा तथा साध्वी प्रियकल्पना श्रीजी महाराज साहब व साध्वी प्रियस्वर्णांजना श्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा-12 के पावन सानिध्य में गुरुदेव का भव्य मंगल प्रवेश बोलारम (तेलंगाना) में संपन्न हुआ। इस पावन प्रसंग पर आयोजित धर्मसभा व वरघोड़े में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर में वर्धमान शक्रस्तव अभिषेक के साथ हुआ। इसके बाद ढोल-समैया के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया।

एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा: नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वरघोड़ा समारोह स्थल पहुंचा, जहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। स्वागत समारोह में आरती सुराणा, सृष्टि सुराणा, सुवर्णा सुराणा व पूनम सुराणा ने सुमधुर स्वागत गीत के माध्यम से गुरुदेव का अभिनंदन करते हुए उनका जीवन परिचय प्रस्तुत किया। इसके पश्चात् मोक्ष बरलोटा ने भावभीनी गुरु वंदना प्रस्तुत की। धर्मसभा को संबोधित करते हुए गच्छाधिपति मणिप्रभसागर सूरीश्वर महाराज ने भगवान महावीर के सिद्धांतों का अनुसरण करने, त्रिरत्नों के महत्व को जीवन में उतारने व समाज की अटूट एकता पर विशेष प्रकाश डाला।

इन्होंने भी रखे विचार: सभा में मुनि विरक्तप्रभसागरजी महाराज साहब ने भी अपने भाव व्यक्त किए। वहीं मुनि मुकुन्दप्रभसागरजी महाराज साहब का तेलुगु भाषा में दिया गया प्रवचन स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण व प्रेरणा का केंद्र रहा। इस अवसर पर साध्वी श्रेष्ठांजनाश्रीजी महाराज साहब व साध्वी प्रियकृपांजनाश्रीजी महाराज साहब ने भी उपस्थित जनसमुदाय को प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। धर्मसभा में महावीर मुणोत ने आगामी अवंति नगर प्रतिष्ठा महोत्सव की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की व प्रदीप सुराणा ने अपने विचार व्यक्त किए।

सांसद व गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति: इस भव्य धार्मिक आयोजन में मलकाजगिरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद एटाला राजेंद्र व सरदार जनमोहन सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों व विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की। समारोह के दौरान वरघोड़ा व अल्पाहार का लाभ शांति युवा परिषद व तेरापंथ महिला मंडल बोलारम ने लिया। स्वामीवात्सल्य का लाभ पारसमल प्रदीपकुमार श्रेष्ठ सुराणा परिवार को मिला। कार्यक्रम का संचालन ललित सुराणा ने किया तथा वर्षावास संयोजक के रूप में कुशल कुमार कांकरिया ने अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।


