केकड़ी, 30 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों व ई-मित्र संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी व अतिरिक्त निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को ज्ञापन सौंपा। संघ के द्वारका प्रसाद चंदेल (गुलगांव) ने बताया कि राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में ऑपरेटर पिछले 10 वर्षों से बिना किसी मानदेय के सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न शिविरों में भी ऑपरेटरों द्वारा निशुल्क कार्य किया जाता है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऑपरेटरों का कहना है कि वे राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर आमजन तक मजबूती से पहुंचा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका आर्थिक शोषण हो रहा है।

ये रखी मांगे: ज्ञापन में ऑपरेटरों ने सरकार के समक्ष मांग रखी कि ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों को संविदा नियमों के तहत शामिल किया जाए। ऑपरेटरों को निश्चित मानदेय प्रदान किया जाए। ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों का कमीशन बढ़ाया जाए। ऑपरेटरों को माइग्रेट होने की स्वतंत्रता दी जाए व शीघ्र माइग्रेशन प्रक्रिया शुरू की जाए। ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 15 अगस्त तक उनकी न्यायोचित मांगों को स्वीकार नहीं किया, तो पूरे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान द्वारका प्रसाद चंदेल, अशोक मीना, हरिहर पारीक, भागचंद कहार, शिवराज कुमावत, अंबा लाल मीना, भैरू लाल गुर्जर व रामदयाल जांगिड़ सहित जिले के कई ई-मित्र प्लस ऑपरेटर उपस्थित रहे।


