केकड़ी, 14 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी क्षेत्र के बघेरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं से गलत हरकत (बैड टच) करने की शिकायत पर शिक्षा विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त हो गया है। मामले में वरिष्ठ अध्यापक के निलंबन के बाद विभाग द्वारा कार्यवाहक प्रधानाचार्य को भी निलंबित किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और प्रधानाचार्य का निलंबन वापस लेने की मांग की। उल्लेखनीय है कि 12 अगस्त को विद्यालय में गणित के वरिष्ठ अध्यापक पर लगभग दो दर्जन छात्राओं के साथ लंबे समय से अनुचित व्यवहार व अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाते हुए छात्राओं व ग्रामीणों ने विद्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया था तथा मुख्य मार्ग पर डेढ़ घंटे तक जाम लगा दिया था। मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई, पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के आश्वासन तथा निष्पक्ष कार्रवाई के भरोसे के बाद जाम खोला गया था।

वरिष्ठ अध्यापक व कार्यवाहक प्रधानाचार्य निलंबित: मामले में संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) अजमेर संभाग द्वारा 12 अगस्त को आदेश जारी कर आरोपी वरिष्ठ अध्यापक (गणित) दिनेश कुमार जैन को निलंबित कर उनका मुख्यालय लाडनूं (डीडवाना-कुचामन) तय किया गया। वहीं 13 अगस्त को माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी आदेश के तहत कार्यवाहक प्रधानाचार्य (उप प्रधानाचार्य) राजेंद्र कुमार पंवार को समय पर शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई न करने व पदीय दायित्वों में गंभीर लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया। निलंबन काल में उनका मुख्यालय बाड़मेर रहेगा।

आरोपी पर हो कठोर कार्रवाई, प्रिंसिपल का निलंबन अनुचित: प्रिंसिपल के निलंबन की खबर मिलते ही शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय के बाहर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन प्रिंसिपल को निलंबित करना पूरी तरह अनुचित है। ग्रामीणों के अनुसार प्रिंसिपल स्कूल व्यवस्था को कुशलतापूर्वक संचालित कर रहे थे। ग्रामीणों के जमावड़े की सूचना मिलते ही शहर थाना अधिकारी जगदीश प्रसाद चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में प्रिंसिपल का निलंबन रद्द नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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