केकड़ी, 26 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): नगर पालिका चुनाव से पहले केकड़ी की राजनीति में दल-बदल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दिन पहले भाजपा के पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल के कांग्रेस का हाथ थामने के बाद बुधवार को भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के निर्वतमान पालिकाध्यक्ष कमलेश साहू व सरवाड़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष शंकर सिंह राठौड़ को अपने पाले में कर लिया। दोनों नेताओं ने विधायक शत्रुघ्न गौतम की मौजूदगी में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने से केकड़ी की चुनावी राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। लगातार हो रही राजनीतिक उठापटक के बीच दोनों प्रमुख दलों में एक-दूसरे के नेताओं को अपने खेमे में शामिल करने की होड़ दिखाई दे रही है। ऐसे में आगामी नगर पालिका चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।

बाइक पर साहू को साथ लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे विधायक: कमलेश साहू के भाजपा में शामिल होने की पुष्टि के बाद विधायक शत्रुघ्न गौतम मोटरसाइकिल लेकर सावर रोड स्थित उनके निवास पर पहुंचे। वहां साहू व उनके परिवारजनों ने विधायक का स्वागत किया। इसके बाद गौतम स्वयं बाइक चलाकर कमलेश साहू को पीछे बैठाकर अजमेर रोड स्थित भाजपा चुनाव कार्यालय पहुंचे। भाजपा कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने विधायक गौतम और कमलेश साहू को कंधों पर उठाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। बाद में दोनों नेता मोटरसाइकिल पर सवार होकर शहर में भ्रमण के लिए निकले। शहर में यह राजनीतिक दृश्य चर्चा का विषय बना रहा।

मोदी-भजनलाल व गौतम से प्रेरित होकर भाजपा में आने की बात: भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद कमलेश साहू ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधायक शत्रुघ्न गौतम व माता कंचनदेवी से प्रेरित होकर भाजपा की सदस्यता ली है। उन्होंने कहा कि केकड़ी में विकास की रफ्तार लगातार जारी रहनी चाहिए। वहीं सरवाड़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष शंकर सिंह राठौड़ ने कहा कि वे पहले भी भाजपा से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन किसी कारणवश भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे। अब वे पुनः भाजपा में लौटकर घर वापसी कर रहे हैं और पुराने साथियों से मिलकर खुशी महसूस कर रहे हैं।

2015 की गलती दोबारा नहीं होगी: कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि 2015 में हुई राजनीतिक गलती अब दोबारा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उस समय जिसे अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए था, उसे मौका नहीं देकर मित्तल को अध्यक्ष बनाया गया था। अब अध्यक्ष पद को लेकर निर्णय पार्टी कार्यकर्ताओं की राय से होगा। गौतम ने सार्वजनिक रूप से कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा कि इस बार भाजपा के कार्यकर्ता ही अध्यक्ष के लिए नाम तय करेंगे और उसी को अध्यक्ष बनाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नगर पालिका के सभी 40 वार्डों में पूरी ताकत से चुनाव लड़ने और भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का आह्वान किया।

40 वार्डों में भाजपा की जीत निश्चित: विधायक शत्रुघ्न गौतम ने दावा किया कि विधानसभा क्षेत्र की सभी नगर पालिकाओं में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल रहा है और केकड़ी के 40 वार्डों में भी भाजपा की जीत निश्चित है। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी पार्टी है जहां एक सामान्य कार्यकर्ता को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के आधार पर भाजपा चुनाव मैदान में उतर रही है। कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल और भाजपा के ढाई साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने है। उनके अनुसार भाजपा के कार्यकाल में कांग्रेस की तुलना में अधिक विकास कार्य हुए हैं।

शहरवासियों की बोली लगाने की कोशिश कर रही कांग्रेस: विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस में शामिल हुए एक बड़े कारोबारी द्वारा वार्ड प्रत्याशियों को 10-10 लाख रुपए देने और वोटों की खरीद-फरोख्त के दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शहर के लोगों को बोली लगाने व खरीदने योग्य समझ रही है। गौतम ने कहा कि केकड़ी के लोग किसी प्रलोभन में आने वाले नहीं हैं और शहरवासियों ने अपना मन बना लिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव में पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया। इस मौके पर चुनाव प्रभारी कृष्णकांत शर्मा, रामकिशन गुर्जर, रामदेव माली, रामनिवास तेली, ज्ञानेश्वर व्यास, कन्हैयालाल जेतवाल, रितेश जैन, राजेन्द्र चौधरी, कैलाश चौधरी, पूनम कंवर सहित भाजपा के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बदलते सियासी समीकरणों ने बढ़ाई हलचल: गौरतलब है कि नगर पालिका चुनाव से ठीक पहले केकड़ी में दल-बदल की राजनीति ने जोर पकड़ लिया है। एक दिन पहले भाजपा के पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने और उसके अगले ही दिन कांग्रेस के निर्वतमान पालिकाध्यक्ष कमलेश साहू तथा सरवाड़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष शंकर सिंह राठौड़ के भाजपा में आने से दोनों दलों के बीच सियासी मुकाबला और रोचक हो गया है। अब इन राजनीतिक घटनाक्रमों का आगामी नगर पालिका चुनाव के टिकट वितरण और वार्ड स्तर के समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।

