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विधायक जनसुनवाई केंद्र का ताला खुलवाने पर अड़ी कांग्रेस, डॉ. रघु शर्मा के नेतृत्व में नवनिर्वाचित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व पार्षदों ने शुरू किया धरना, बुधवार को केकड़ी बंद की चेतावनी

केकड़ी, 22 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): नगर पालिका चुनाव के बाद केकड़ी की सियासत में एक नया विवाद सामने आया है। मंगलवार को नगर पालिका उपाध्यक्ष के निर्वाचन के बाद नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल, उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी सहित कांग्रेस के पार्षद पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा के नेतृत्व में नगर पालिका पहुंचे और विधायक जनसुनवाई केंद्र कक्ष सहित पालिका की अन्य संपत्तियों के ताले खुलवाने एवं उन्हें खाली करवाने की मांग को लेकर पालिका परिसर में धरना शुरू कर दिया। देर शाम तक कांग्रेस का धरना जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे। धरने को संबोधित करते हुए पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि नगर पालिका परिसर में स्थित विधायक जनसुनवाई केंद्र वास्तव में पालिकाध्यक्ष का कक्ष है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आधार पर पालिकाध्यक्ष के कक्ष को विधायक जनसुनवाई केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है।

केकड़ी: पालिका अध्यक्ष अनिल मित्तल से समझाइश करते उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई।

जनसुनवाई केंद्र बनाने पर उठाए सवाल: डॉ. शर्मा ने कहा कि केकड़ी को जिला बनाए जाने के समय भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण नगर पालिका के इस कक्ष का वैकल्पिक रूप से जिला कलेक्टर कार्यालय के लिए उपयोग किया गया था। अब जब केकड़ी जिला नहीं रहा तो पालिकाध्यक्ष के कक्ष को विधायक जनसुनवाई केंद्र के रूप में उपयोग किए जाने का क्या आधार है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका एक स्वायत्तशासी संस्था है और उसकी संपत्तियां पालिका के अधीन ही रहनी चाहिए। जनता ने जनादेश देकर कांग्रेस का बोर्ड चुना है, ऐसे में पालिका की संपत्तियों पर किए गए कब्जे को खाली कराया जाना चाहिए। उन्होंने कक्ष का ताला तत्काल खुलवाकर नवनिर्वाचित कांग्रेस बोर्ड को सौंपने की मांग की।

केकड़ी: विधायक जनसुनवाई केन्द्र के बाहर सुरक्षा के लिए खड़े पुलिस जवान।

मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी: कांग्रेस के धरने की सूचना मिलते ही प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई, तहसीलदार व नगर पालिका ईओ सत्यनारायण लोहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील तथा पुलिस उप अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता, शहर थानाधिकारी जगदीश चौधरी, सदर थानाधिकारी मुकेश गोरा सहित पुलिस अधिकारी नगर पालिका पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। स्थिति को देखते हुए विधायक जनसुनवाई केंद्र के बाहर केकड़ी सिटी, केकड़ी सदर, सरवाड़, सराना एवं सावर सहित आसपास के थानों का पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। इसके अलावा आरएसी के जवान भी मौके पर तैनात रहे। पुलिस बल की मौजूदगी के चलते नगर पालिका परिसर के बाहर पूरे समय तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

ताला नहीं खुला तो केकड़ी बंद व भूख हड़ताल की चेतावनी: धरने के दौरान नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल ने कहा कि जब तक विधायक जनसुनवाई केंद्र का ताला नहीं खोला जाता है, तो बुधवार को केकड़ी बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना बोर्ड चुना है, लेकिन निर्वाचित बोर्ड को उसके ही कार्यालय में प्रवेश नहीं देना जनादेश का अपमान है। यह केवल पालिकाध्यक्ष या पार्षदों का मामला नहीं, बल्कि पूरे केकड़ी शहर के अधिकारों से जुड़ा विषय है। मित्तल ने कहा कि ताले नहीं खुले तो जनता को साथ लेकर सड़क पर उतरेंगे और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो पार्षदों के साथ भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी। प्रशासन को समय रहते ताले खुलवाकर निर्वाचित बोर्ड को उसके अधिकार सौंपने चाहिए।

शत्रुघ्न गौतम, विधायक केकड़ी

स्थापित व्यवस्थाओं का सम्मान करें जनप्रतिनिधि: नगर पालिका में नवनिर्वाचित कांग्रेस बोर्ड द्वारा विधायक जनसुनवाई केंद्र के स्थान पर अध्यक्ष का कक्ष स्थापित करने की मांग को लेकर दिए जा रहे धरने के बीच विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और स्थापित व्यवस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भी पालिका अध्यक्ष का चैंबर मुख्य भवन में ही था। जिस कक्ष को लेकर विवाद है, वहां पूर्व में जिला कलेक्टर बैठते थे। केकड़ी का जिला समाप्त होने के बाद इसे विधायक जनसुनवाई केंद्र बनाया गया। गौतम ने कहा कि विधायक जनसुनवाई केंद्र की व्यवस्था पूरे राजस्थान में है। अजमेर जिला कलेक्ट्रेट में भी सांसद जनसुनवाई केंद्र संचालित है। उन्होंने कहा कि वे अध्यक्ष सहित सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी दूसरे जनप्रतिनिधि के अधिकार क्षेत्र व स्थापित व्यवस्था को चुनौती देना उचित नहीं। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विकास व जनसेवा के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दबाव, टकराव स्वीकार्य नहीं होगी तथा समाधान संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए।

नए बोर्ड के गठन के साथ ही सियासी टकराव: नगर पालिका में कांग्रेस के अनिल मित्तल के अध्यक्ष निर्वाचित होने और आरएलपी के राजेंद्र चौधरी के उपाध्यक्ष बनने के बाद नए बोर्ड ने कार्यभार संभाला ही है कि पालिका की संपत्ति एवं विधायक जनसुनवाई केंद्र के कक्ष को लेकर विवाद सामने आ गया। एक दिन पहले ही अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के अनिल मित्तल ने भाजपा के विनीत जैन को दो मतों से हराकर पालिका की कमान संभाली थी। इसके अगले दिन उपाध्यक्ष पद पर आरएलपी के राजेंद्र चौधरी की जीत के बाद कांग्रेस समर्थित बोर्ड की तस्वीर साफ हुई है। पालिका परिसर स्थित कक्ष को लेकर कांग्रेस के धरने और भाजपा विधायक के बयान के बाद विवाद को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क सामने आ गए हैं। बुधवार को प्रस्तावित बंद और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर अब सबकी नजर रहेगी।

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