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जनसुनवाई केंद्र विवाद पर विधायक शत्रुघ्न गौतम का पलटवार, बोले-व्यक्ति विशेष की जिद से नहीं, नियम-कायदे से चलेगी व्यवस्था

केकड़ी, 22 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): नगर पालिका अध्यक्ष के चैंबर और विधायक जनसुनवाई केंद्र को लेकर चल रहे विवाद के बीच विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि सरकारी भवनों का उपयोग निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस भवन में वर्तमान में विधायक जनसुनवाई केंद्र संचालित हो रहा है, वह पूर्व में जिला कलेक्टर के उपयोग में रहा है। केकड़ी के जिला बनने के बाद इस कक्ष का उपयोग कलेक्टर कार्यालय के रूप में किया गया था और जिला समाप्त होने के बाद इसे विधायक जनसुनवाई केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है। गौतम ने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत विधायक जनसुनवाई केंद्रों की व्यवस्था की गई है, जिसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान कराना है।
बोर्ड की बैठक में किया जाए​ निर्णय: विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष को पदभार ग्रहण करने के बाद नियम और प्रक्रिया के अनुसार नगर पालिका में उपलब्ध कक्ष का उपयोग करना चाहिए। यदि अध्यक्ष के चैंबर को लेकर कोई निर्णय किया जाना है तो नगर पालिका बोर्ड की बैठक में नियमानुसार प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं होते और इनके उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम एवं प्रक्रिया निर्धारित होती है। उनके अनुसार, पद या व्यवस्था में परिवर्तन होने पर संबंधित सरकारी परिसंपत्ति के उपयोग को लेकर भी नियमों का पालन किया जाना चाहिए।

नियम-कानून व प्रक्रिया से चलेगी व्यवस्था: विधायक गौतम ने कहा कि किसी भी सरकारी भवन को लेकर कब्जे या टकराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए। नगर पालिका में अध्यक्ष का चैंबर किस स्थान पर होगा, यह नियम, प्रक्रिया और बोर्ड के निर्णय के अनुसार तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहली बोर्ड बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाकर नियमानुसार निर्णय किया जा सकता है।उन्होंने राजनीतिक माहौल को अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण नहीं बनाने की अपील करते हुए कहा कि केकड़ी की जनता शांति और विकास चाहती है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद शहर के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पूर्व विधायक रघु शर्मा पर भी साधा निशाना: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौतम ने पूर्व विधायक रघु शर्मा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नियम और नैतिकता का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए। गौतम ने सरकारी आवास और कार्यालय से जुड़े पूर्व के घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो नियम एक व्यक्ति के लिए लागू होते हैं, वही नियम दूसरे के लिए भी लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए अलग और दूसरे के लिए अलग नियम नहीं हो सकते। व्यवस्था निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार ही संचालित होनी चाहिए।

जनादेश का सम्मान करें जनप्रतिनिधि: नगर निकाय चुनाव के संदर्भ में विधायक ने कहा कि जनता ने अपना निर्णय दिया है और सभी राजनीतिक दलों एवं जनप्रतिनिधियों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने चुनाव के दौरान लगाए गए आरोपों और पैसों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास आरोपों से संबंधित प्रमाण हैं तो उन्हें सक्षम अधिकारी अथवा जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
अहंकार की राजनीति छोड़कर विकास पर ध्यान दें: गौतम ने कहा कि राजनीतिक जीवन में जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनना ही राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने विरोधियों से भी टकराव की राजनीति छोड़कर विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केकड़ी में अमन-चैन कायम रखना सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे में नहीं आएं तथा शहर में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।

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