केकड़ी, 24 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी पंचायत समिति की 22 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के आरक्षण का निर्धारण गुरुवार को पंचायत समिति सभागार में आयोजित लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। निर्वाचक पंजीयन एवं उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के साथ महिला वर्ग के लिए आरक्षित सरपंच पदों का श्रेणीवार आवंटन किया गया। वहीं, ग्राम पंचायतों के वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया फिलहाल जारी है। लॉटरी के अनुसार 6 ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति, 4 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 11 ग्राम पंचायतें सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित की गई हैं। अनुसूचित जाति की 6 सीटों में 3 महिला एवं 3 पुरुष, अनुसूचित जनजाति की 1 सीट पुरुष वर्ग के लिए, ओबीसी की 4 सीटों में 2 महिला एवं 2 पुरुष तथा सामान्य वर्ग की 11 सीटों में 6 महिला एवं 5 पुरुष के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है।

लॉटरी से तय हुआ सरपंच पदों का आरक्षण: अनुसूचित जाति महिला के लिए रामपाली, बघेरा व जूनिया, अनुसूचित जाति के लिए कादेड़ा, खवास व लसाड़िया, अनुसूचित जनजाति के लिए कोहड़ा, ओबीसी के लिए नायकी व अजगरा, ओबीसी महिला के लिए मानखण्ड व निमोद, सामान्य महिला के लिए भीमड़ावास, कणौज, भराई, देवगांव, मेवदा कलां व सलारी तथा सामान्य/अनारक्षित के लिए लल्लाई, कालेड़ा कृष्ण गोपाल, मोलकिया, सरसड़ी व प्रान्हेड़ा ग्राम पंचायतों का निर्धारण किया गया है। पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। इस दौरान तहसीलदार सत्यनारायण लोहार, नायब तहसीलदार केन्द्र प्रसाद शर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रक्रिया से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कहीं खुशी कहीं मायूसी: लॉटरी परिणाम सामने आते ही संबंधित ग्राम पंचायतों में संभावित दावेदारों और ग्रामीणों के बीच खुशी और मायूसी का दौर देखने को मिला। मनचाही श्रेणी में आरक्षण आने वाली पंचायतों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों में उत्साह बढ़ गया, जबकि आरक्षण बदलने से कई संभावित दावेदारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। अब आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद इच्छुक दावेदार अपने-अपने स्तर पर चुनावी तैयारियों में जुटने लगे हैं। संभावित प्रत्याशी ग्रामीणों से संपर्क साधने, समर्थकों को लामबंद करने और चुनावी समीकरणों को अपने पक्ष में करने की रणनीति बनाने में जुटेंगे। वहीं, वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांवों में चुनावी तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।


