केकड़ी, 23 जनवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): श्री मिश्री लाल दुबे मेमोरियल संस्थान में शुक्रवार को बसंत पंचमी व नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) का दोहरा आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना व राष्ट्रभक्ति के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। उच्च माध्यमिक अकादमी परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि चंद्र प्रकाश दुबे ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह की शुरुआत की। बसंत के प्रतीक पीले वस्त्रों व फूलों से सजे परिसर में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नेताजी की जयंती पर तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा… के जयघोष ने वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। वरिष्ठ छात्रों ने नाटक के माध्यम से आजाद हिंद फौज के संघर्षों को जीवंत किया, वहीं नन्हे बालकों ने बसंत पर कविताएं सुनाईं।
22 नन्हें बच्चों का हुआ विद्यारंभ संस्कार: संस्थान के बालिका विद्यालय में 22 बच्चों का विद्यारंभ संस्कार विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस संस्कार की शुरुआत बिजासन माता मंदिर व बालाजी मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा से हुई। विद्यालय प्रवेश द्वार पर प्रधानाचार्य विनीता जोशी व संगीता कुमावत ने अभिभावकों का चरण धोकर स्वागत किया। शास्त्री ब्रह्मानंद शर्मा के सानिध्य में यज्ञ, पाटी-पोती पूजन व हस्तलेखन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सांस्कृतिक परंपरा व राष्ट्र सेवा का संदेश: प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार पारीक व विनीता जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यारंभ संस्कार बालक की शैक्षिक यात्रा का आधार है व नेताजी का जीवन हमें साहस व राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. भगवान सिंह, आचार्य विकास सिंह व दिनेश चौधरी सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। नवप्रवेशित विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र व शैक्षिक सामग्री भेंट की गई। अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

