केकड़ी, 28 अक्टूबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी जिले को रद्द करने के विरोध में मंगलवार को बार एसोसिएशन केकड़ी के बैनर तले अधिवक्ताओं ने ‘ब्लैक डे’ मनाकर विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया तथा कोर्ट परिसर में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने उपखंड अधिकारी दीपांशु सांगवान को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केकड़ी को पुनः जिला घोषित करने की मांग की गई है। बार अध्यक्ष मनोज आहूजा ने जिला निरस्तीकरण के निर्णय को क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय बताया। वहीं अन्य अधिवक्ताओं ने इसे जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत जैन ने कहा कि केकड़ी को जिला दर्जा देने की मांग अब केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं बल्कि क्षेत्र की अस्मिता से जुड़ा सवाल है।

सरकार ने किया पक्षपातपूर्ण निर्णय: अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए “जिला बचाओ–केकड़ी बचाओ” के नारे लगाए। ज्ञापन में तर्क दिया गया कि कई अन्य क्षेत्रों को जिला दर्जा मिलने के बावजूद केकड़ी का दर्जा वापस लेना पक्षपातपूर्ण निर्णय है। इस विरोध प्रदर्शन में बार अध्यक्ष मनोज आहूजा, मुकेश शर्मा, हेमंत जैन, राजेंद्र अग्रवाल, सलीम गौरी, रामावतार मीना, अनुराग पांडे, इमदाद अली, विजेंद्र पाराशर, अनिल शर्मा, विष्णु साहू, शिवप्रसाद पाराशर, अभिनव अग्रवाल, सानिया सेन, आदिल कुरैशी, इमरान खान, अमित बसेर, कमलेश शर्मा सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।


