केकड़ी, 04 मार्च (आदित्य न्यूज नेटवर्क): विश्व मोटापा दिवस के अवसर पर जन-जागरूकता के लिए यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी के प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग द्वारा गौशाला सत्संग भवन में संचालित पतंजलि गांधी पार्क योग कक्षा में मंगलवार को विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में लगभग 80 महिला व पुरुष योग साधकों ने भाग लेकर मोटापे व उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। चिकित्सा प्रभारी व विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुल चाहर ने मोटापे की परिभाषा व इसकी पहचान के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, थायरॉइड असंतुलन व जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं के प्रति सचेत करते हुए कहा कि मोटापा केवल शारीरिक बनावट का विषय नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर रोगों का मूल कारण है।

स्वास्थ्य के चार प्रमुख स्तंभ: उन्होंने संतुलित व पौष्टिक आहार, नियमित योगाभ्यास, पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) एवं तनाव प्रबंधन को स्वास्थ्य के चार प्रमुख स्तंभ बताया। कार्यक्रम की शुरुआत में पतंजलि योग समिति द्वारा डॉ. अंशुल चाहर का ओपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया गया। शिविर के सफल संचालन में द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भाविक चौधरी का विशेष योगदान रहा। समापन पर समिति के प्रभारी जे.पी. सोनी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को स्वस्थ दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर संरक्षक छीतरमल न्याती, सह प्रभारी सोहनलाल सिसोदिया, महिला पतंजलि योग समिति की सह प्रभारी रिंकू विजय व मीडिया प्रभारी दिनेश वैष्णव सहित बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।


