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पुनेरी ढोल व अघोरी कलाकारों के साथ निकलेगी बाबा महाकाल की शाही सवारी; तैयारियों में जुटे सेवक, प्रसाद में बंटेंगे 5100 रुद्राक्ष

केकड़ी: बाबा महाकाल की मनमहेश प्रतिमा (फाइल फोटो)

केकड़ी, 09 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): बाबा महाकाल सेवक समिति के तत्वावधान में महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को बाबा महाकाल की शाही सवारी निकाली जाएगी। बाबा महाकाल की मनमहेश प्रतिमा की भव्य शाही सवारी को लेकर समिति के पदाधिकारी लगातार बैठकें कर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए है। इस बार समिति में एक हजार से अधिक नए सेवक जोड़े गए है तथा शाही सवारी को सफल बनाने के लिए विभिन्न मंदिर कमेटियों के सदस्यों को व्यवस्थार्थ लगाया जा रहा है। समिति सदस्यों ने बताया कि शाही सवारी में शामिल होने वाले सेवकों को शुभ्र वस्त्र व पहचान पत्र वितरण का कार्य मंदिर परिसर में शुरु कर दिया गया है।

झांकियां रहेगी आकर्षण का केंद्र: महाशिवरात्रि के दिन सुबह 9.15 बजे विधिवत पूजा अर्चना के बाद महाकाल बाबा की मनमहेश प्रतिमा का नगर भ्रमण शुरु होगा। जो पुलिस थाने के बाहर से होकर तीनबत्ती चौराहा, अजमेरी गेट, घण्टाघर, सदर बाजार, खिड़की गेट, लोढ़ा चौक, चारभुजा मंदिर, माणक चौक, सूरजपोल गेट, हरिजन बस्ती, भेरु गेट, बडा गुवाड़ा, सरसड़ी गेट, बस स्टैण्ड, अजमेर रोड, बीजासण माता मंदिर होते हुए पुनः तत्कालेश्वर महादेव मंदिर पहुंच कर सम्पन्न होगा।  शाही सवारी के दौरान 5100 रुद्राक्ष का वितरण प्रसाद के रूप में किया जाएगा।

गुलाल व फूलों की होगी वर्षा: शाही सवारी के दौरान पुनेरी ढोल, उज्जैनी तोप, अघोरी कलाकार, डमरू ताशे, मां काली व श्री सोमनाथ की झांकी आकर्षण का केन्द्र रहेगी। वहीं शाही सवारी के दौरान 31 क्विंटल गुलाल व 50 क्विंटल फूलों की वर्षा की जाएगी। इसी के साथ एक दर्जन अलग अलग देवी देवताओं की आकर्षक झांकियां सवारी में शामिल होगी। शाही सवारी के मार्ग पर आकर्षक रंगोलिया बनाई जाएगी तथा व्यापारी वर्ग सहित विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा जगह जगह पर शाही सवारी का भव्य स्वागत किया जाएगा।

बोली कार्यक्रम आज: श्री बाबा महाकाल सरकार के नगर भ्रमण को लेकर विभिन्न धार्मिक कार्यों के हिस्सेदारी के लिए बोली लगाई जाएगी। समिति के सेवकों ने बताया कि 10 फरवरी को सांय 7.15 बजे महाकाल मनमहेश सरकार अभिषेक, मनमहेश सरकार पोशाक, महाकाल प्रसाद रुद्राक्ष पूजन, पालकी चंवर सेवा, श्री महाकाल ध्वज, महाकाल बाबा की पालकी पूजन, श्री तत्कालेश्वर महादेव ध्वज, श्री बालाजी महाराज के ध्वज को लेकर बोली लगाई जाएगी तथा बोली के माध्यम से धर्मावलंबी पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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