केकड़ी, 12 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत “स्वरोजगार से स्वावलम्बन” को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को नगर पालिका परिसर में मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना शिविर का आयोजन किया गया। अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मीणा ने बताया कि इस शिविर का मुख्य लक्ष्य शहरी क्षेत्र के जरूरतमंद व असहाय परिवारों को आसानी से ऋण सुविधा उपलब्ध कराना, लघु व्यवसाय और उद्यमों में पूंजी प्रवाह बढ़ाना, आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है। यह योजना विशेष रूप से असंगठित सेवा क्षेत्र के श्रमिकों जैसे गिग वर्कर्स, ट्रांसपोर्ट वर्कर्स, डोमेस्टिक वर्कर्स, भवन निर्माण श्रमिक, हॉकर, वेस्ट वर्कर्स, रेग पिकर, और दस्तकार (हस्तशिल्प श्रमिक) को लाभान्वित करती है।

तीन चरण में मिलेगा ऋण: मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से लाभार्थियों को तीन चरणों में बिना गारंटी के बैंक से ऋण प्रदान किया जाएगा। पहले चरण में 10 हजार रुपए, दूसरे चरण में 20 हजार रुपए एवं तीसरे चरण में 50 हजार रुपए का ऋण मिलेगा। इस ऋण पर बैंक द्वारा 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी देय होगा। ऋण भुगतान की अवधि क्रमशः 12 माह, 18 माह और 24 माह रहेगी। योजना का लाभ लेने के लिए पेंशनर्स और आयकरदाता को छोड़कर कोई भी लाभार्थी जनआधार के माध्यम से एसएसओ पोर्टल/एप पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।

आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की रहेगी दरकार: आवेदन के लिए जनआधार/आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। नगर पालिका क्षेत्र केकड़ी के लिए आयोजित इस मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना शिविर में नागरिकों का उत्साह देखने लायक था। शिविर के दौरान लगभग 250 आवेदन प्राप्त हुए। इस दौरान डे-एनयूएलएम प्रभारी सिमरन विजय, सामुदायिक संगठक कृष्णा साहू एवं अन्य पालिकाकर्मियों ने आवेदकों को प्रक्रिया समझाने में सहायता की।


