केकड़ी, 13 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): न्यायालय ने आपत्तिजनक नारेबाजी व उपद्रव के करीब 13 साल पुराने बहुचर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए वाजिद खान चीता सहित 6 अन्य आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) करने के आदेश दिए है। प्रकरण के तथ्यों के अनुसार महावीर सिंह ने गत 24 जुलाई 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि शाम करीब 7:12 से 8:00 बजे के बीच 40-50 मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ युवकों ने शहर के मुख्य बाजारों, घंटाघर, खिड़की गेट व अजमेरी गेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में रैली निकाली थी। आरोप था कि इस दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए व माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

पुलिस ने प्रमाणित माने आरोप: इस रैली की अगुवाई एक गाड़ी में सवार वाजिद खान चीता द्वारा करने का आरोप था, जिसके साथ इमरान खान, शहजाद व सलमान भी मौजूद थे। पुलिस ने इस मामले में धारा 143, 153ए व 153बी आईपीसी के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था। पुलिस ने जांच के बाद वाजिद खान चीता, फिरोज, अब्दुल खालिक, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद इमरान व शहजाद के विरुद्ध अपराध प्रमाणित मानते हुए न्यायालय में चार्जशीट पेश की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 39 गवाह पेश किए गए।

बचाव पक्ष के तर्कों से जताई सहमति: आरोपी शहजाद की ओर से एडवोकेट आसिफ हुसैन एवं अन्य आरोपियों की ओर से प्रबुद्ध अधिवक्ताओं ने पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष मजबूती से विभिन्न कानूनी तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बचाव पक्ष के वकीलों के तर्कों से सहमति जताई। साक्ष्यों के अभाव व तकनीकी तर्कों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को बरी करने के आदेश जारी किए है। गौरतलब है कि इस घटना के बाद शहर में लंबे समय तक हालात तनावपूर्ण रहे थे।


