केकड़ी, 28 जनवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी जिले का दर्जा निरस्त किए जाने की मासिक बरसी पर बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता समुदाय ने सड़कों पर उतरकर भजनलाल सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। वकीलों ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया तथा शहर में रैली निकालकर अपना आक्रोश जताया। अधिवक्ताओं ने उपखंड अधिकारी दीपांशु सांगवान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर केकड़ी को पुनः जिला घोषित करने की मांग की। बार अध्यक्ष सीताराम कुमावत ने कड़े शब्दों में कहा कि जिला दर्जा छीनना सरकार का अनैतिक निर्णय है, जिससे विकास कार्य ठप हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला बहाल नहीं हुआ तो सरकार को इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे व जनता इस छलावे का मुंहतोड़ जवाब देगी।
आंदोलनकारियों के साथ खड़े हैं 200 शेर: बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मनोज आहूजा ने कहा कि जिला बनने के सभी पैरामीटर्स मौजूद होने के बावजूद अन्याय किया गया। उन्होंने जनता को ढांढस बंधाते हुए कहा कि आंदोलन से जुड़ने वाले लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। उनके साथ काले कोट वाले 200 शेर खड़े हैं जो किसी भी तरह की कार्रवाई होने पर मुफ्त में पैरवी करेंगे व हर कदम पर साथ देंगे। बार के पूर्व अध्यक्ष रामावतार मीना व वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत जैन ने कहा कि सरकार का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है जिससे विकास की संभावनाओं पर ब्रेक लग गया है। पूर्व बार अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राठौड़, सलीम गौरी, पवन सिंह भाटी व रवि पंवार ने भी संबोधित करते हुए मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया।
ये रहे मौजूद: ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट लक्ष्मीचंद मीणा, महासचिव समकित जैन, कोषाध्यक्ष रवि पंवार, सामाजिक कल्याण विभाग सचिव राजूलाल जाट, पुस्तकालध्यक्ष आदित्य भान सिंह, आशिफ हुसैन, विजेंद्र पाराशर, लतीफ मोहम्मद, हनुमान शर्मा, इमदाद अली, शिवप्रकाश चौधरी, सलीम रंगरेज, राकेश गुर्जर, भावेश जैन, लोकेश शर्मा, धर्मेंद्र सिंह राठौड़, शैलेन्द्र सिंह धन्नावत, रामप्रसाद कुमावत, रोडूमल सोलंकी, डीएल वर्मा, शिवप्रताप सिंह, सांवरलाल चौधरी, मगनलाल लोधा, राजेंद्र अग्रवाल, सीताराम गुप्ता, दशरथ सिंह कांदलोत, दिनेश पारीक, मुकेश शर्मा, आशुतोष शर्मा, सचिन राव, आदिल कुरैशी, नितिन जोशी, मुकेश गढ़वाल, योगेंद्र सिंह, अनुराग पांडे, अजीत जैन, धर्मेंद्र मेघवंशी, अभिनव अग्रवाल, सानिया सेन व प्रहलाद चौधरी सहित कई अधिवक्ता उपस्थित थे।

