Friday, February 6, 2026
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पांच दिवसीय अर्हम ध्यान योग शिविर संपन्न, विद्यार्थियों व शिक्षकों ने सीखी सुखमय जीवन जीने की कला

केकड़ी, 06 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सापण्दा रोड स्थित श्री सुधासागर दिगम्बर जैन विद्या विहार सीनियर सेकंडरी स्कूल में पांच दिवसीय अर्हम ध्यान योग शिविर शुक्रवार को सुखमय जीवन की आध्यात्मिक तकनीकों के अभ्यास के साथ संपन्न हुआ। यह शिविर प्रख्यात दिगंबर जैन संत मुनि श्री प्रणम्यसागरजी महाराज की प्रेरणा से गठित ओम अर्हम् सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से लगाया गया, जिसमें योग प्रशिक्षिका व अंतरप्पा संप्रेषक कोटा निवासी निधि जैन सेठी ने स्कूल के आठ सौ से अधिक विद्यार्थियों व सभी शिक्षकगणों को प्रतिदिन दो घंटे के सत्र में शास्त्रोक्त विधि से विभिन्न प्रकार के योगासन, पंचमुद्रा, प्राणायाम, अर्हम् क्लैप्स, श्वास-प्रश्वास, ध्यान-प्रार्थना आदि विधियों के प्रभावशाली ढंग से अभ्यास कराए और योग को अपनी दिनचर्या का आवश्यक अंग बनाकर जीवन को सरल एवं सहज रूप से सफल बनाने की प्रेरणा दी।

दया व मैत्री भाव रखने के लिए किया प्रेरित: इस दौरान निधि सेठी ने जैन इतिहास के सूक्ष्म अन्वेषक व सुप्रसिद्ध लेखक पंडित जुगलकिशोर जैन मुख्तार युगवीरद्वारा सुखी व स्वस्थ समाज की अवधारणा के चिंतन से रचित मेरी भावनाकाव्य के प्रमुख श्लोकों की व्याख्या करते हुए, उनका सारगर्भित स्वाध्याय कराया। समापन सत्र में अंतरप्पा निधि सेठी ने कहा कि हमें सभी पर सदैव दया व मैत्री भाव रखना चाहिए, तब सब भी हमसे मैत्री भाव रखेंगे। ये ही धर्म का मूल सिद्धांत है। परस्पर मैत्री भाव से जीवन स्वमेव सुख से भरने लगेगा। हमारे मन में दीन दुखी जीवों के प्रति निस्वार्थ करुणा भाव विद्यमान रहना चाहिए। परन्तु जब भी किसी की मदद करें, तो छिपा कर करें, छपा कर नहीं, अर्थात मदद का प्रचार न करें। दया कभी भी लाभ प्राप्त करने की भावना से न करें। उन्होनें कहा कि कामयाब होने के लिए अकेले ही मेहनत करनी पड़ती है, दुनिया तो कामयाब होने के बाद साथ लगती है।

केकड़ी: सुधासागर विद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय अर्हम ध्यान योग शिविर में योगाभ्यास करते विद्यार्थी।

तिलक माल्यार्पण से किया सम्मान: शिविर के समापन पर विद्यालय परिवार ने अंतरप्पा निधि सेठी का तिलक, माल्यार्पण व शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर संस्था के सचिव आनंद सोनी ने उन्हें अभिनंदन पत्र व स्मृतिचिन्ह भेंट करते हुए कहा कि आधुनिक परिवेश में आध्यात्म के समन्वय से स्वस्थ व सुखी जीवन जीने की कला सिखाने वाली यह तकनीक, हमारे विद्यालय के विद्याथियों एवं शिक्षकगणों के जीवन में शारीरिक व मानसिक सबलता के लिए निश्चित तौर पर अत्यंत सहायक व लाभदायक साबित होगी तथा हम सभी के लिए सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। समारोह में शिक्षक श्रीनारायण शर्मा, आजाद शर्मा, अशोक जोशी, कुणाल जैन, विद्या वासवानी, संगीता सैनी, सोनल जैन व शैफाली जैन सहित आरवी जैन, शिवांशी तिवाड़ी, ताशी जैन, मिशिका जैन व तनिष्का चौधरी ने शिविर के अनुभव साझा किए। निदेशक अजय जैन, प्रधानाचार्य सत्यनारायण खंडेलवाल व उपप्रधानाचार्य कैलाशचंद शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया।

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