Friday, November 28, 2025
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टूटने लगी न्याय की आस: 22 दिन से धरना दे रहे बुजुर्ग दंपति ने राज्यपाल को लिखा पत्र, मांगी इच्छा मृत्यु की अनुमति

केकड़ी, 28 नवम्बर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सावर उपखंड क्षेत्र के मेहरूखुर्द निवासी बुजुर्ग दंपति छोटूलाल मीणा व उनकी पत्नी सायरी मीणा ने अपने पुत्र सत्यनारायण मीणा के मामले में कार्रवाई नहीं होने तथा अतिप्राचीन भैरू जी के मंदिर को तथाकथित लाल धागे बाबा द्वारा तोड़ने के मामले में कार्यवाही नहीं करने का आरोप लगाते हुए महामहिम राज्यपाल को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने के लिए पत्र भेजा है। दंपति ने यह पत्र उपखंड अधिकारी सावर को सौंपा है। बुजुर्ग दंपति ने पत्र में आरोप लगाया कि उनके पुत्र सत्यनारायण को 5 नवंबर 2025 को अनर्गल टिप्पणी के मामले में पुलिस थाना सावर द्वारा घर से उठाकर ले जाया गया तथा बाद में उसे बीएनएसएस की विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार दर्शाया गया। परिजनों का कहना है कि पुलिस कस्टडी में 24 घंटे बीत जाने के बाद सत्यनारायण को एसडीएम कार्यालय सावर में पेश किया गया, जहां जमानत प्रक्रिया में देरी हुई। 

प्राचीन चबूतरा तोड़ने का है आरोप: इस दौरान सत्यनारायण की तबीयत खराब हो गई और वह बेहोश होकर गिर गया। सावर अस्पताल में खून की उल्टी शुरू होने पर उसे केकड़ी अस्पताल रैफर किया गया। परिवार ने एक अन्य प्रकरण में चन्द्रप्रकाश मीणा उर्फ लाल धागा सरकार पर भी आरोप लगाए हैं कि उसने 500 साल पुराने भैरूनाथ के प्राचीन चबूतरे को तोड़ा है। परिजनों का कहना है कि इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुजुर्ग दंपति का कहना है कि वे 7 नवंबर से उपखंड कार्यालय सावर के बाहर धरने पर बैठे हैं। 22 दिनों से धरना देने के बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर उन्हें न्याय नहीं मिला है। बुजुर्ग दंपति का दावा है कि अब न्याय की कोई उम्मीद नहीं बची है और इसी कारण उन्होंने इच्छा-मृत्यु की मांग की है। प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।

तीन सप्ताह से जारी है धरना प्रदर्शन: इधर बुजुर्ग दंपति छोटू लाल मीणा व सायरी देवी का उपखंड कार्यालय के बाहर तीन सप्ताह से धरना जारी है लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई सुध नहीं ली जिससे बुजुर्ग दंपति आहत है वही क्षेत्र की जनता में भी आक्रोश व्याप्त है। तथाकथित बाबा के खिलाफ प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्यवाही की जहमत नहीं उठाने से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना कि आखिर प्रशासन बुजुर्ग दंपति की सुध क्यों नहीं ले रहा है और बाबा के खिलाफ कार्यवाही करने से क्यों बच रहा है। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए। क्षेत्र के लोग भी प्रशासन के इस रवैए से नाराज है।

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