केकड़ी, 30 मार्च (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी में सोमवार को श्वेताम्बर व दिगम्बर जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव विविध कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया गया। महोत्सव की मंगल बेला में प्रभात फेरी निकाली गई। सुबह देवगांव गेट स्थित चन्द्रप्रभु चैत्यालय में आर्यिका विनीतश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में ध्वजारोहण एवं धर्मसभा का आयोजन किया गया। विधायक शत्रुघ्न गौतम ने विधिवत ध्वजारोहण कर महोत्सव का शुभारम्भ किया। समाज के प्रबुद्धजनों ने विधायक गौतम का माला एवं दुपट्टा पहनाकर अभिनन्दन किया।


सम्पूर्ण जगत के लिए पूज्यनीय है भगवान महावीर: धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विनीतश्री माताजी ने कहा कि भगवान महावीर केवल जैनों के नहीं अपितु सम्पूर्ण जगत के लिए पूज्यनीय है। भगवान महावीर ने जिन सिद्धान्तों का प्रतिपादन वर्षों पूर्व किया वे आज के समय में भी समानुकुल प्रतीत होते है। वर्तमान को वर्धमान की आवश्यकता है। अहिंसा, अपरिग्रह, अचैर्य ऐसे शाश्वत सिद्धान्त है जिन पर चल कर मनुष्य जीवन को सफल बनाया जा सकता है। भगवान महावीर धन व ऐश्वर्य से परिपूर्ण राजकुमार थे लेकिन सांसारिक मोह माया को छोडकर उन्होंने संयम पथ को अंगीकार किया और लाखों लोगों को बोध देकर उनके जीवन की दशा व दिशा बदल दी। धर्मसभा का संचालन महावीर टोंग्या ने किया। ध्वजारोहण के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई।


बच्चों ने किया घोष वादन: शोभायात्रा चन्द्रप्रभु चैत्यालय, घण्टाघर, सदर बाजार, खिड़की गेट, सरसड़ी गेट, पाल टाकीज रोड, ब्यावर रोड चौराहा, बस स्टैण्ड, कचहरी, सिटी थाना पुलिस, तीनबत्ती चौराहा, अजमेरी गेट, घण्टाघर होते हुए वापस चैत्यालय परिसर पहुंच कर सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में बैण्ड-बाजे, बच्चों द्वारा किया गया घोष वादन, दो घोड़ों की बग्घी, निहालकी जी एवं स्वर्ण मण्डित चार रथ आकर्षण का केन्द्र रहे। चारों रथ व निहालकी में श्रीजी की प्रतिमाओं को विराजित किया गया। बोलीदाताओं के परिवारों को रथ एवं बग्घी में बैठने का सौभाग्य मिला।


पुष्पवर्षा से किया स्वागत: जुलूस में भगवान महावीर के संदेशों को दर्शाती आकर्षक झांकियां भी शामिल थी। शोभायात्रा मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत द्वार सजाए गए। शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा के दौरान नगर भगवान महावीर के नारों से गुंजायमान हो गया। जुलूस मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की ओर से शीतल पेय आदि की व्यवस्था की गई। शोभायात्रा के बाद राजपुरा रोड स्थित आदिनाथ वाटिका में सामूहिक भोज का आयोजन हुआ। जिसमे सकल जैन समाज के महिला पुरूषों ने भाग लिया।











