केकड़ी, 29 दिसंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी में कृषि उपज मंडी समिति के तहत बनाए जा रहे किसान पथ के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का मामला सामने आया है। सूरीमाता से कुमावतों का नयागांव तक बन रहे इस सड़क मार्ग की कंक्रीट परत निर्माण के दौरान ही जगह-जगह से बिखरने लगी है, जिससे गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में डामर की निर्धारित मात्रा का उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण कंक्रीट कमजोर होकर उखड़ने लगी है। सूरीमाता से कुमावतों का नयागांव तक लगभग 3 किलोमीटर लंबे इस किसान पथ का निर्माण 87 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप लगाते हुए ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से बन रहे इस रास्ते में लापरवाही व भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं ठेकेदार का कहना है कि सड़क पर अभी एक और परत बिछाई जानी है।
लसाड़िया से एकलसिंहा के बीच की सड़क भी खराब: इसी तरह लसाड़िया से एकलसिंहा के बीच बनाए जा रहे एक अन्य किसान पथ को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए है। 2.70 किलोमीटर लंबे इस सड़क मार्ग का निर्माण लगभग 82 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है, लेकिन यहां भी सड़क बनने से पहले ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। ग्रामीणों ने दोनों ही किसान पथों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि किसान पथों का निर्माण कृषि मंडी समिति द्वारा कराया जाता है, जिसकी कार्यकारी एजेंसी राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की देखरेख, निरीक्षण व ठेकेदार को भुगतान की जिम्मेदारी भी इसी बोर्ड की होती है। इसके बावजूद यदि सड़कें निर्माण के साथ ही उखड़ रही हैं, तो यह न केवल ठेकेदार बल्कि संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न चिह्न लगाता है।
इनका कहना है: इस संबंध में कृषि विपणन बोर्ड अजमेर के अधिशाषी अभियंता नारायण लाल यादव ने बताया कि घटिया निर्माण की शिकायत आई है, संबंधित ठेकेदार को उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए है। जहां जहां भी सड़को के निर्माण में गड़बड़ी मिलेगी वहां फिर से निर्माण करवाया जाएगा जिसके उपरांत ही ठेकेदार को भुगतान होगा। वहीं कृषि उपज मंडी समिति केकड़ी के सचिव नीरज बिष्ट का कहना रहा कि किसान पथ में निर्माण को लेकर घटिया निर्माण की शिकायते आई है, कृषि मंडी सड़कों के निर्माण के लिए सीधा विपणन को पेमेंट का भुगतान करती है। गुणवत्ता व भुगतान आदि की देखरेख विपणन बोर्ड ही करता है, फिर भी शिकायत प्राप्त होने पर तुरंत विपणन बोर्ड के अधिकारियों को सूचित करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए है।

