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चिकित्सक सुसाइड केस में नया मोड़: जांच के दौरान आवास से बरामद हुआ सुसाइड नोट, मानसिक पीड़ा व अकेलेपन का दर्द आया सामने

केकड़ी: डॉ. अशोक कुमार मीणा (फाइल फोटो)

केकड़ी, 18 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। मृतक चिकित्सक के आवास की विस्तृत तलाशी के दौरान पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के अंतिम संघर्ष व मानसिक पीड़ा को बयां किया है। हालांकि इस नोट पर हस्ताक्षर नहीं हैं, जिसके चलते पुलिस इसकी वैज्ञानिक जांच करवा रही है।

रिश्तों के दबाव व स्वार्थ का उल्लेख: सूत्रों के अनुसार बरामद किए गए पत्र में डॉ. मीणा ने अपने जीवन में महसूस हो रहे अकेलेपन व घुटन का भावुक वर्णन किया है। नोट के अंशों से संकेत मिलता है कि वे अपनी कमाई, खर्च व दूसरों की अपेक्षाओं के बोझ तले खुद को दबा हुआ महसूस कर रहे थे। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि उन्हें रिश्तों में निस्वार्थ प्रेम की कमी खलती थी व वे खुद को नियंत्रित महसूस कर रहे थे।

हैंडराइटिंग की होगी फोरेंसिक जांच: पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में कोई पत्र नहीं मिला था, लेकिन गहन तलाशी के दौरान इसे बरामद किया गया है। चूंकि पत्र पर हस्ताक्षर मौजूद नहीं हैं, इसलिए प्रथम दृष्टया इसके लेखन की तुलना चिकित्सक की हैंडराइटिंग से की जा रही है। इसकी पुष्टि के लिए एफएसएल (FSL) व फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह नोट स्वयं डॉ. मीणा ने ही लिखा था।

क्या है मामला: राजकीय जिला चिकित्सालय में कार्यरत चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार मीणा ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना का पता तब चला जब वे दोपहर 2 बजे तक ड्यूटी पर अस्पताल नहीं पहुंचे। सहकर्मियों ने जब आवास पर जाकर खिड़की से झांका तो उनका शव फंदे से लटका मिला। डॉ. मीणा पिछले एक साल से यहां अपनी सेवाएं दे रहे थे। मृत्यु से पहले उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था- मरीज नहीं देखे जाएंगे, अनावश्यक कॉल न करें।” पुलिस शुरुआती जांच से ही इसे मानसिक तनाव का मामला मानकर चल रही है।

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