Thursday, February 5, 2026
Homeशिक्षाउच्च शिक्षा में संविदा नियुक्तियों का विरोध: राजसेस की पुनर्संरचना करने एवं...

उच्च शिक्षा में संविदा नियुक्तियों का विरोध: राजसेस की पुनर्संरचना करने एवं सोडाणी समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग

केकड़ी, 04 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) द्वारा Raj-CESमहाविद्यालयों की वर्तमान संचालन व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। महासंघ ने इन महाविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने व इन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति2020 के अनुरूप पुनर्संरचित करने की मांग की है। इस दौरान राजकीय महाविद्यालय केकड़ी के प्राध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। महासंघ ने स्पष्ट किया कि Raj-CESयोजना के तहत संचालित महाविद्यालयों में स्थायी ढांचे व संसाधनों का अभाव है। आंकड़ों के अनुसार कुल 374Raj-CESमहाविद्यालयों में से लगभग 260 में एक भी स्थायी संकाय सदस्य नहीं है जो शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है।

आंदोलन की चेतावनी: प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सोडाणी समिति की सिफारिशों को सार्वजनिक करने व लागू करने का आग्रह किया है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि संविदा नियुक्तियों की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तथा इन संस्थानों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों में तब्दील नहीं किया गया, तो संगठन उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए विवश होगा। इस प्रदर्शन में प्राचार्य डॉ. किरोड़ी लाल मीना, प्राध्यापक माया पारीक, चेतन लाल रेगर, राजेश नरूका, डॉ नीता चौहान, विकास कुमार, ज्योति मीना, शहजाद अली, आनंद पाराशर, तनु बसवाल, मनोज कुमार ढाका, एकता नेहरा सहित अनेक प्राध्यापकों व शिक्षाविदों ने सहभागिता की।

RELATED ARTICLES