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विधानसभा में गूंजा चारागाह भूमि घोटाला: विधायक शत्रुघ्न गौतम ने उठाए सवाल, बोले-कांग्रेस राज में नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को बांटी बेशकीमती जमीन

केकड़ी: विधायक शत्रुघ्न गौतम (फाइल फोटो)

केकड़ी, 24 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भ्रष्टाचार व चारागाह भूमि के अवैध आवंटन का मुद्दा गरमाया रहा। विधायक शत्रुघ्न गौतम ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से अजगरा चारागाह भूमि के आवंटन में हुए करोड़ों रुपए के कथित घोटाले पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। विधायक शत्रुघ्न गौतम ने सदन में कांग्रेस नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अजगरा की बेशकीमती चारागाह भूमि को नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेतों को आवंटित करवाया गया। आवंटन व तुरंत बाद हुई रजिस्ट्री की गति ने भ्रष्टाचार की परतों को और अधिक स्पष्ट कर दिया है।

सुनियोजित भ्रष्टाचार का लगाया आरोप: विधायक शत्रुघ्न गौतम ने सदन में तथ्य प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि यह केवल भूमि आवंटन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित भ्रष्टाचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेशकीमती जमीन की बंदरबांट कर लगभग 400 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया तथा प्रदेश के राजस्व को भारी चपत लगाई गई है। उन्होंने कहा कि चारागाह भूमि का उपयोग केवल सार्वजनिक हित व पशुओं के संरक्षण के लिए किया जा सकता है, लेकिन अजगरा में इसे व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग किया गया।

नहीं बचेंगे दोषी: विधायक के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। मंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह पूरा मामला अत्यंत संदेहास्पद है। जिस प्रकार 4 मार्च 2009 को भूमि का आवंटन हुआ व मात्र सात दिन के भीतर 11 मार्च को उसका बेचान (बिक्री) कर दिया गया, वह मिलीभगत की ओर सीधा इशारा करता है। उन्होंने सदन में घोषणा की कि इस पूरे प्रकरण की तीन माह के भीतर उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी। आवंटन प्रक्रिया में शामिल रहे तत्कालीन अधिकारियों व दोषी कार्मिकों की भूमिका की समीक्षा होगी तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा व उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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