केकड़ी, 06 जनवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी शहर थाना पुलिस ने क्षेत्र में अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर उनके साथ मारपीट व लूटपाट करने वाले एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को बापर्दा (चेहरा ढंककर) गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में लूट की आधा दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। थानाधिकारी कुसुमलता मीणा ने बताया कि एकलसिंहा निवासी शांति देवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 दिसंबर 2025 को जब वह जंगल में उपले बीन रही थी, तब एक बाइक सवार युवक ने भैंसों के बारे में पूछने के बहाने उनके साथ मारपीट की तथा कान के टोपिस छीन लिए। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

इन वारदातों का हुआ खुलासा: मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया तथा तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना पर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी ने पूछताछ में केकड़ी व आसपास के क्षेत्रों में की गई कई वारदातों को कबूल किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने गांव मोलकिया में 2 साल पहले बकरी चराने वाली महिला से लूट, ग्राम सूरीमाता में 18-20 माह पूर्व भैंस चराती महिला से लूट, ग्राम एकलसिंहा में 1 साल पहले महिला को लिफ्ट देकर सुनसान खेत में लूट, ग्राम मण्डा में 8-9 महीने पहले बकरी चराने वाली महिला से लूट, ग्राम देवगांव में 6-7 महीने पहले भैंस चराने वाली महिला से लूट एवं कन्नोज व देवलिया में लूट के दो असफल प्रयास में अपनी लिप्तता स्वीकार की है।

वारदात का तरीका: गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। वह सुनसान खेतों, जंगलों में पशु चराने वाली या अकेले पैदल चलने वाली बुजुर्ग महिलाओं की रैकी करता था। आरोपी कभी पानी पीने के बहाने, कभी रास्ता पूछने तो कभी लिफ्ट देने के बहाने महिलाओं के पास रुकता तथा मौका पाकर उन पर जानलेवा हमला कर देता था। महिलाओं के साथ मारपीट कर वह उनके कान के टोपिस व अन्य जेवरात लूटकर फरार हो जाता था। आरोपी इतना चालाक है कि एक वारदात करने के बाद वह 5-6 महीने के लिए गायब (रूहपोश) हो जाता था तथा मामला शांत होने पर दोबारा सक्रिय होता था।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका: पुलिस महानिरीक्षक राजेन्द्र सिंह व अजमेर एसपी वंदिता राणा के निर्देशन एवं अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील व पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा के सुपरविजन में गठित टीम ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्यवाही में थानाधिकारी कुसुमलता मीणा के साथ एसआई बनवारी लाल मीणा, कांस्टेबल रामराज, पंकज, राकेश, नीरज व दीनदयाल ने अहम भूमिका निभाई है। पुलिस टीम अब आरोपी से अन्य वारदातों तथा लूटे गए माल की बरामदगी के संबंध में गहन अनुसंधान कर रही है।

