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मोह माया को तजने से होगा आत्म कल्याण— मुनि अनुपम सागर महाराज

केकड़ी: धर्मसभा की शुरुआत में दीप प्रज्जवलन करते लाभार्थी परिवार के सदस्य।

केकड़ी, 22 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): दिगम्बर जैन संत अनुपम सागर महाराज ने कहा कि इंसान जब तक बोधि को प्राप्त नहीं करता है वह संसार में भटकता रहता है। अटका हुआ व्यक्ति प्रयास करते हुए आगे बढ़ सकता है लेकिन मोह माया व परिवार में लटका हुआ व्यक्ति लटका ही रह जाता है और आत्म कल्याण के ऊपर उठने में समर्थ नहीं हो पता है। वे घण्टाघर स्थित आदिनाथ मंदिर में सत्यार्थ बोध पावन वर्षा योग के अवसर पर प्रवचन कर रहे थे।

मुनि संघ को भेंट किए शास्त्र उन्होंने कहा ​कि एक तिर्यंच गति का जीव अपने पूर्व कर्मों के फल से वनराज से जिनराज बन जाता है। लेकिन मानव अपने भव को सुधारने के लिए किसी भी प्रकार की मोह माया को तजने का प्रयास नहीं करता है। मीडिया प्रभारी रमेश जैन ने बताया कि आचार्यश्री के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का लाभ भागचंद, विजय कुमार, संचित, नमित जैन धून्धरी वालों ने प्राप्त किया। धर्मसभा का संचालन के.सी. जैन ने किया।

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