केकड़ी, 27 जनवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): हजरत सैयद अशरफ अली शाह का दो दिवसीय सालाना उर्स मंगलवार को अकीदत व एहतराम के साथ शुरू हुआ। दरगाह कमेटी के सदर अल्ताफ हुसैन रंगरेज ने बताया कि दोपहर में अजमेरी गेट से गाजे-बाजे के साथ चादर का भव्य जुलूस रवाना हुआ। जुलूस घंटाघर, सदर बाजार, पटवार घर, खिड़की गेट, लोढ़ा चौक, चारभुजा मंदिर, माणक चौक होते हुए दरगाह परिसर पहुंचा। जुलूस में बाहर से आए मलंगों व अखाड़ेबाजों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।

मांगी अमन-चैन की दुआ: दरगाह पहुंचने पर आस्ताने शरीफ पर खिराज-ए-अकीदत पेश कर चादर चढ़ाई गई व देश-प्रदेश में अमन, चैन व खुशहाली की दुआ मांगी गई। इस दौरान जायरीनों का सैलाब उमड़ पड़ा। उर्स के मौके पर दरगाह परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया व जायरीनों के लिए लंगर का विशेष इंतजाम किया गया। कार्यक्रम में मुबारक अली, फय्याज, नासिर शेख, हनीफ शाह, इमरान व हमीद शाह सहित मोहम्मदिया कमेटी व उर्स कमेटी के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।

मुंबई व जोधपुर के कव्वाल देंगे प्रस्तुति: मंगलवार रात्रि में महफिले-कव्वाली का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुंबई के मशहूर कव्वाल नदीम अजीम नाजा व जोधपुर के फिरोज साबरी सूफियाना कलाम पेश करेंगे। बुधवार को कुल व रंग की महफिल के साथ दो दिवसीय उर्स का समापन होगा। कुल की रस्म के दौरान पूरे दरगाह परिसर को गुलाब व केवड़े जैसे सुगंधित पदार्थों से महकाया जाएगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे व सामाजिक सौहार्द की गंगा-जमुनी तहज़ीब को जीवंत कर रहा है।

