Sunday, March 1, 2026
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भक्ति का त्रिवेणी संगम: श्रद्धा के साथ मनाया आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज का अवतरण दिवस, नेमिनाथ विधान पर समर्पित किए श्रीफल अर्घ्य, नववर्ष की पूर्व संध्या पर गूंजे भक्तामर के श्लोक

केकड़ी, 01 जनवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): जैन आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज के अवतरण दिवस (जन्मजयंती) के शुभ अवसर पर बोहरा कॉलोनी स्थित नेमिनाथ मंदिर में गुरुवार को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पंच तीर्थ प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इन कार्यक्रमों में जैन समाज के महिला-पुरूषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह जिन प्रतिमाओं का सामूहिक अभिषेक व शांतिधारा की गई। मुख्य शांतिधारा का पुण्य लाभ मनोज कुमार, विनोद कुमार, गोविंद कुमार, राजकुमार, टीकम चंद, विपिन कुमार, शांतिलाल, पारस कुमार, विमल चंद, चेतन कुमार व अनिल जैन ने प्राप्त किया।

गुरुवर ने बनाया पत्थर को हीरा: धर्मसभा में अपने गुरु पुष्पदंत सागर महाराज को याद करते हुए आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा कि मुझ जैसे पत्थर को गुरुवर ने तराश कर हीरा बना दिया। उन्होंने राष्ट्र को तरुण सागर, पुलक सागर व प्रसन्न सागर जैसे संत दिए, जो विश्वभर में जैन धर्म का परचम लहरा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज को राज्य अतिथिका दर्जा दिया हुआ है। कार्यक्रम के दौरान संघस्थ मुनि शांतितीर्थ महाराज, मुनि प्रियतीर्थ महाराज, क्षुल्लक दिव्यतीर्थ महाराज, क्षुल्लिका शांत प्रज्ञा व अनन्त प्रज्ञा माताजी, भट्टारक अरिहंत कीर्ति स्वामी सहित ब्रह्मचारी भैयाओं ने गुरुवर के चरणों में विनयांजलि अर्पित की।

केकड़ी: नेमिनाथ विधान में श्रीफल अर्घ्य समर्पित करते श्रद्धालु।

इंद्रों ने किया नेमिनाथ भगवान का विधान: मीडिया प्रभारी पारस जैन ने बताया कि दोपहर में श्री नेमिनाथ विधान का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से अर्घ्य समर्पित किए। सोधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य भाग चंद, ज्ञान चंद, जैन कुमार, विनय कुमार, सोनू, मोनू परिवार, कुबेर इन्द्र बनने का सौभाग्य शांति लाल, पारस कुमार, विनोद कुमार, राकेश कुमार एवं महायज्ञ नायक इन्द्र बनने का सौभाग्य भाग चंद विजय कुमार जैन ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन शास्त्री कपिल भैया ने किया। विधान के दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर को नेमिनाथ भगवान के जयकारों से गुंजायमान कर दिया।

केकड़ी: 48 दीपक के साथ भक्तामर स्त्रोत्र का पाठ करते श्रद्धालु।

भक्तामर स्त्रोत्र पाठ में 48 दीपकों से जगमगाया पांडाल: अंग्रेजी कैलेंडर के नव वर्ष की पूर्व संध्या पर बुधवार को संगीतमय भक्तामर स्त्रोत्र पाठ का आयोजन किया गया। समाज के श्रद्धालुओं ने 48-48 दीपकों के साथ भगवान की आराधना की। इस अवसर पर आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा कि भक्तामर पाठ के नियमित श्रवण से समस्त आधि-व्याधि दूर होती है तथा परिवार में सुख-शांति का वास होता है। भक्तामर पाठ में पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य महावीर प्रसाद, सुनील कुमार, अनिल मित्तल, संजय मित्तल परिवार (देवगांव वाले), भाग चंद, ज्ञान चंद, जैन कुमार, विनय कुमार जैन मशीनरी एवं भाग चंद विजय कुमार धूंधरी परिवार तथा भक्तामर पाठ के बाद आचार्य श्री की महाआरती का सौभाग्य तारा चंद सुनील कुमार चांदसेन परिवार को प्राप्त हुआ।

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