केकड़ी, 18 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार को क्षेत्र के मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं, बारिश व ओलावृष्टि के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया तथा ठिठुरन बढ़ गई। बेमौसम की इस मार ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। बुधवार सुबह हल्की धूप खिली रही, लेकिन दोपहर बाद आसमान में बादलों का डेरा जमा हो गया। शाम करीब 4 बजे काली घटाएं छा गईं व तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। इसके पश्चात केकड़ी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में करीब साढ़े चार बजे चने के आकार के ओले गिरे। देर शाम तक बिजली की गड़गड़ाहट के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रही, जिससे सड़कों पर पानी भर गया।

सरसों व गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका: बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी व कटकर पड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं पककर तैयार खड़ी सरसों, गेहूं व अन्य फसलों पर ओलावृष्टि का विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना है। खेतों में कटकर पड़ी सरसों की फसल के भीगने से किसान काफी परेशान हैं। किसानों का कहना है कि अधिकांश फसलें पक चुकी हैं, ऐसे समय में यह बारिश अत्यधिक नुकसानदायक साबित हो सकती है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बारिश व हवाओं के कारण ठंड का अहसास बढ़ गया है। जिससे लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए।


