केकड़ी, 21 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): इंटरनेशनल मॉस्को वुशू स्टार्स चैंपियनशिप में केकड़ी के धीरज चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया है। प्लस 90 किलोग्राम भार वर्ग में खेलते हुए धीरज ने न केवल पदक जीता, बल्कि अपने अदम्य साहस से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमिट छाप छोड़ी। धीरज ने प्रतियोगिता के दौरान अपने शुरुआती दो मुकाबलों में दबदबा बनाते हुए फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में उनका सामना वर्ल्ड चैंपियन आर्टर सिरागुदिनोव से हुआ। मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक रहा, लेकिन इसी दौरान धीरज का बायां कंधा (शोल्डर) डिसलोकेट हो गया। चोट की गंभीरता के कारण मुकाबला रोकना पड़ा व उन्हें उपविजेता के रूप में संतोष करना पड़ा। धीरज की खेल भावना और जज्बे को देख पूरा स्टेडियम उनके सम्मान में खड़ा हो गया। प्रतिद्वंद्वी आर्टर सिरागुदिनोव ने भी उनके साहस की सराहना की और उन्हें ‘योद्धा‘ संबोधित करते हुए रूस में ट्रेनिंग लेने का निमंत्रण दिया।

केकड़ी का बढ़ाया गौरव: केकड़ी निवासी धर्मेन्द्र धातरवाल के पुत्र धीरज चौधरी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी की लहर है। उनकी इस सफलता पर राजस्थान वुशू फेडरेशन के पदाधिकारियों व प्रशिक्षकों ने उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। राजस्थान वुशू फेडरेशन के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया ने धीरज की मेहनत की सराहना की। टीम इंडिया के कोच राजेश टेलर ने उनकी तकनीक व साहस को सराहा। राजस्थान वुशू फेडरेशन की सचिव ममता वर्मा ने इसे प्रदेश व देश के लिए गौरव का क्षण बताया। अपनी पहली ही अंतरराष्ट्रीय चुनौती में पदक जीतकर धीरज चौधरी ने साबित कर दिया है कि वे भविष्य में बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं। उनकी इस जीत ने वुशू के क्षेत्र में नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का संचार किया है।


