Homeशासन प्रशासनसरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में प्रशासनिक उदासीनता से भड़के ग्रामीण,...

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में प्रशासनिक उदासीनता से भड़के ग्रामीण, एडीएम कार्यालय के बाहर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

केकड़ी, 05 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): मीणों का नयागांव में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को सावर नगरपालिका के निवर्तमान अध्यक्ष विश्वजीत सिंह शक्तावत के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) कार्यालय पहुंचे। प्रशासन के ढुलमुल रवैये व ज्ञापन लेने के तरीके से नाराज ग्रामीणों ने एडीएम कार्यालय के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों व एडीएम चन्द्रशेखर भंडारी के बीच उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एडीएम ने केवल पांच प्रतिनिधियों को अंदर बुलाने व अन्य को बाहर रुकने को कहा। इससे ग्रामीण भड़क गए व विरोध स्वरूप एडीएम कार्यालय के बाहर ही ज्ञापन चस्पा कर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही सिटी थानाधिकारी अनिल कुमार शर्मा जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे व ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारी ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

अवैध बजरी स्टॉक व कब्जे का आरोप: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में आरक्षित सरकारी व सार्वजनिक उपयोग की भूमि सहित बीसलपुर विस्थापितों के लिए निर्धारित जमीन पर कुछ रसूखदारों ने अवैध रूप से बजरी का भारी स्टॉक लगाकर कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर अतिक्रमणकारी विवाद पर उतारू हो जाते हैं, जिससे गांव में शांति भंग होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अधीक्षक व खनन विभाग को शिकायत देने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो आंदोलन को उग्र करते हुए सामूहिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष व महिलाएं मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES