केकड़ी, 09 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): “लोक अदालत का यही है सार, न किसी की जीत न किसी की हार” की भावना के साथ शनिवार को न्यायालय परिसर में इस वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस अदालत में आपसी राजीनामे के जरिए लंबित मामलों का निपटारा कर पक्षकारों को राहत प्रदान की गई। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए दो बेंचों का गठन किया गया। प्रथम बेंच की अध्यक्षता अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-01 जयमाला पानीगर ने की, जिसमें सदस्य के रूप में पैनल अधिवक्ता फरीद खान मौजूद रहे। वहीं द्वितीय बेंच के अध्यक्ष सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम गुप्ता रहे, जिसमें सदस्य के रूप में पैनल अधिवक्ता चेतन धाभाई व राजस्व प्रकरणों के लिए सावर तहसीलदार भगवती प्रसाद वैष्णव ने सहयोग किया।

करोड़ों रुपए के अवार्ड हुए पारित: लोक अदालत में दोनों बेंचों के समक्ष रखे गए विभिन्न प्रकृति के मामलों में से कुल 122 लंबित प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 1,45,37,850 (एक करोड़ पैंतालीस लाख सैंतीस हजार आठ सौ पचास) रुपए के अवार्ड पारित किए गए। इसके अतिरिक्त बैंकों व ए.वी.वी.एन.एल. से संबंधित प्री-लिटिगेशन के 60 प्रकरणों का भी निस्तारण हुआ, जिसमें 1,09,17,807 (एक करोड़ नौ लाख सत्रह हजार आठ सौ सात) रुपए की अवार्ड राशि तय की गई।

इन्होंने किया सहयोग: आयोजन को सफल बनाने में तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव जितेंद्र लखारा व न्यायिक कर्मचारी राजेंद्र निर्वाण, आशीष मीणा, सुधांशु गौतम, हेमलता शर्मा, यादराम मीणा, कुलदीप सिंह, संजीव चौधरी व भागचंद मीणा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुरक्षा व व्यवस्था में होमगार्ड सागर वैष्णव, रामधन मीणा, दिलखुश साहू, देवराज व सुरेश साहू का सहयोग रहा। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीताराम कुमावत, अधिवक्ता मनोज कुमार आहूजा, पवन भाटी, भूपेंद्र सिंह राठौड़, अजय पारीक सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे, जिनका राजीनामा प्रक्रियाओं में सराहनीय योगदान रहा।

