केकड़ी, 10 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): आर्य समाज मंदिर में रविवार को साप्ताहिक यज्ञ के पश्चात मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित आर्यजनों ने माता के महत्व व उनके द्वारा दिए जाने वाले संस्कारों पर प्रकाश डाला। आर्य समाज के संरक्षक अशोक आर्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि “माता निर्माता भवति”, अर्थात माता ही व्यक्तित्व का निर्माण करने वाली होती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर के पश्चात सृष्टि में सबसे सर्वश्रेष्ठ स्थान माता का ही है। माता अपनी संतान में न केवल उच्च संस्कार भरती है, बल्कि उसे जीवन जीने की व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान करती है। प्रत्येक जीव के लिए मां का स्थान सर्वोपरि है, अतः हमें सदैव उनका आदर व सम्मान करना चाहिए।

मां है तो संसार है: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीमा सोनी ने कहा कि मां वह शक्ति है जो अपनी संतान का गर्भ से लेकर उसके समझदार होने तक पूरा पोषण व लालन-पालन करती है। जीवन में मां का होना ही संसार की पूर्णता है। मां के बिना संसार की कल्पना भी संभव नहीं है। हमें अपनी मां के प्रति सदैव कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। इस मौके पर आर्य समाज के संरक्षक अशोक आर्य, मंत्री रवि शंकर पवार, कोषाध्यक्ष दिलीप लांबा, सीमा लांबा, जय लांबा, कमलेश कुमार अग्निहोत्री, शंभू सिंह चौहान, मूलचंद महावर व रामस्वरूप कुमार सहित अनेक आर्यजन उपस्थित रहे।


