केकड़ी, 20 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): समर कैंप सनशाइन हब 2026 के पांचवें दिन बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक, शैक्षणिक व शारीरिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर आयोजित इस कैंप में जहां बच्चों ने कला के गुर सीखे, वहीं मानसिक गणना व योग के जरिए स्वास्थ्य व एकाग्रता का पाठ भी पढ़ा। कैंप की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए गुरुवार से नए रजिस्ट्रेशन भी शुरू किए जा रहे है। कैंप के टॉडलर्स ग्रुप में ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट‘ की अवधारणा पर काम करते हुए बच्चों को बेकार व अनुपयोगी वस्तुओं से सुंदर चीजें बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षिका रिया साहू के निर्देशन में बच्चों ने पुराने समाचार पत्रों व रंगीन कागजों का पुनः उपयोग कर आकर्षक न्यूजपेपर डॉल व फेन तैयार किए। वहीं तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला में प्रशिक्षिका तृप्ति नामा ने बच्चों को मिट्टी, शीशों व सजावटी सामग्री की सहायता से पारंपरिक ‘लिप्पन आर्ट‘ की सुंदर कलाकृतियां बनाना सिखाया।

मानसिक गणित से निखरा तार्किक कौशल: विद्यार्थियों के गणितीय कौशल को विकसित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। अबेकस कक्षा में प्रशिक्षिका प्रगति जोशी ने सिंगल डिजिट एडिशन (जोड़) को बेहद सरल व रोचक तरीके से सिखाया, जो बच्चों की मानसिक गणना क्षमता व एकाग्रता बढ़ाने में मददगार है। इसी तरह रविना जांगिड़ द्वारा संचालित ‘मानसिक गणित कार्यशाला‘ में बच्चों को तेज व सरल गणना तकनीकों तथा गणितीय तरकीबों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षिका लवली जांगिड़ ने कैलिग्राफी सत्र के दौरान बच्चों को “सुंदर लेखन ही व्यक्तित्व की पहचान है” का संदेश देते हुए विभिन्न लेखन शैलियों का अभ्यास कराया। साथ ही छात्राओं ने आकर्षक मेहंदी डिजाइनों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया।

योग से होगा आध्यात्मिक विकास: शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए आयोजित योग सत्र में प्रशिक्षिका दक्षता शर्मा ने बच्चों को ताड़ासन, ब्रिज पोज व पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास कराते हुए शरीर को स्वस्थ व मन को शांत रखने के महत्व को समझाया। इसके बाद मंत्रोच्चारण सत्र में बच्चों ने “राम रामेति रामेति” व गायत्री मंत्र का सामूहिक उच्चारण किया, जिससे पूरा माहौल सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। प्रधानाचार्या संगीता कुमावत ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास, सौंदर्यबोध, पर्यावरण संरक्षण व तार्किक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे वे अनुशासन व भारतीय संस्कृति के मूल्यों को सीख सकें।


