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गुलगांव में तालाबंदी के दौरान मारपीट का मामला: ग्राम पंचायत प्रशासक को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग, जाट समाज ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

केकड़ी, 25 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): ग्राम पंचायत गुलगांव के प्रशासक नीरज चौधरी व उनके परिवार पर हुए कथित हमले व मारपीट के मामले में अब जाट समाज लामबंद हो गया है। समाज की ओर से उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रशासक व उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा केकड़ी सदर थाने में दर्ज एफआईआर में निष्पक्ष व प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक व पुलिस उप अधीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि नीरज चौधरी वर्तमान में ग्राम पंचायत गुलगांव में प्रशासक के पद पर कार्य कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ असामाजिक व स्वार्थी तत्व व्यक्तिगत द्वेषता के चलते उनके प्रशासनिक कार्यों में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे है।

प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस के सामने हुई मारपीट: ज्ञापन के अनुसार बीती 20 मई 2026 को ग्राम पंचायत कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा तालाबंदी करने की सूचना मिली थी। इस पर प्रशासक नीरज चौधरी मौके पर पहुंचे थे। वहां उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस बल की मौजूदगी में जब समझाइश का प्रयास किया जा रहा था, तभी विरोधी पक्ष के कुछ लोग अचानक आक्रोशित हो गए। आरोप है कि इन लोगों ने नीरज चौधरी व उनके परिवारजनों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस संबंध में पीड़ित पक्ष की ओर से केकड़ी सदर थाने में मामला दर्ज करवाया गया था। ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए अब ओछी हरकतों पर उतर आए है।

केकड़ी: रैली निकालकर ज्ञापन सौंपने जाते जाट समाज के लोग।

दुष्प्रचार कर बिगाड़ा जा रहा माहौल: आरोपियों ने कार्रवाई का दबाव कम करने के लिए प्रशासक व उनके परिवार के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज करवा दिए हैं व सोशल मीडिया पर भी लगातार दुष्प्रचार कर माहौल बिगाड़ा जा रहा है। ज्ञापन में जाट समाज ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विरोधी पक्ष द्वारा पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे नीरज चौधरी व उनके पूरे परिवार को जान-माल का गंभीर खतरा बना हुआ है। समाज ने मुख्यमंत्री से इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने तथा पीड़ित सरकारी कर्मचारी व उनके परिवार को तुरंत पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है।

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