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सड़कों पर उतरे पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी, शुरू हुआ ‘स्वाभिमान बचाओ आंदोलन’; महाजल समाधि की चेतावनी

केकड़ी, 01 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): लंबित मांगों के निराकरण व सरकार की बेरुखी के खिलाफ पंचायतीराज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने चरणबद्ध तरीके से स्वाभिमान बचाओ आंदोलनका बिगुल फूंक दिया है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत केकड़ी व सरवाड़ उपखंड में पंचायतीराज विभाग के बाबू अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं और दोनों स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया है। केकड़ी में आंदोलन के तहत प्रदेश प्रतिनिधि धनराज गुजराल व ब्लॉक अध्यक्ष भंवर लाल बैरवा के नेतृत्व में मंत्रालयिक कर्मचारियों ने उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई एवं विकास अधिकारी दिशी शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के लगभग 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी न्यायोचित मांगों के लिए पिछले ढाई साल से समाधान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार व विभाग द्वारा इस दिशा में अब तक कोई अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई है।

केकड़ी: विकास अधिकारी दिशी शर्मा को ज्ञापन सौंपते पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें: ज्ञापन में कर्मचारियों ने उत्तराखंड पैटर्न लागू करने, केडर रिव्यू करने, स्वतंत्र कार्य विभाजन, नोशनल लाभ व अंतरजिला स्थानांतरण जैसी अपनी प्रमुख मांगों को लेकर तुरंत निर्णय लेने की अपील की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा। इस दौरान ब्लॉक के सभी मंत्रालयिक कर्मचारी एकजुट होकर उपस्थित रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि समय रहते मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक व त्वरित निर्णय लेकर इस आंदोलन की आवश्यकता को समाप्त किया जाए, जिससे पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक कार्यों में भी अधिक दक्षता व पारदर्शिता बनी रहे।

आंदोलन का रोडमैप: संगठन द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार आगामी दिनों में जिला व ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार, संवाद कार्यक्रम, पेन डाउन आंदोलन, सद्बुद्धि यज्ञ व जयपुर कूच जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 01 जुलाई 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे पंचायतीराज संस्थाओं के काम ठप हो जाएंगे। 06 जुलाई 2026 को प्रदेशभर के कर्मचारी जयपुर में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। 07 जुलाई 2026 को जयपुर के जलमहल पर प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी व सामूहिक जल समाधि जैसा आत्मघाती व उग्र आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।

सरवाड़: उपखण्ड अधिकारी जीतू कुलहरि को ज्ञापन सौंपते पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी।

सरवाड़ में भी गूंजी आंदोलन की आवाज: इसी क्रम में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन की पड़ोसी उपशाखा सरवाड़ में भी आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। सरवाड़ में ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश कुमार घटाला के नेतृत्व में सभी मंत्रालयिक कर्मचारी एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी जीतू कुलहरि व विकास अधिकारी सोनराज मीणा को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

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