केकड़ी, 19 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): ग्राम पंचायत पारा में शुक्रवार को ‘ग्रामीण सेवा शिविर 2026‘ का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण जनों ने उपस्थित होकर विभिन्न विभागों की सेवाओं व जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाया। शिविर में कुल 22 विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लेकर आमजन को सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण किया। शिविर को सफल बनाने में शिविर प्रभारी व उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई, विकास अधिकारी संगीता व्यास, नायब तहसीलदार अर्पिता चौधरी, अतिरिक्त विकास अधिकारी देवकरण बैरवा, स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर प्रियंक दाधीच, पंचायत प्रशासक मोडू लाल खटीक, ग्राम विकास अधिकारी कालूराम गुर्जर एवं कनिष्ठ सहायक अशोक जगरवाल व राकेश गुर्जर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सहयोग किया।

शिविर में हुए प्रमुख कार्य: शिविर के दौरान ग्रामीणों को 32 पट्टे वितरित किए गए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाभार्थी को तीसरी किस्त की राशि का हस्तांतरण किया गया। स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत 10 व्यक्तिगत शौचालयों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई। शिविर के दौरान राजस्व खातों का शुद्धिकरण के 8 मामले, आपसी सहमति व बंटवारे के 2 प्रकरण, नामांतरण के 25 प्रकरण व सीमा ज्ञान पथरगढ़ी के 10 मामलों का निस्तारण किया गया। 2 वृद्धजनों/पात्रों का पेंशन सत्यापन किया गया, दिव्यांगजन स्कूटी के लिए 1 आवेदन प्राप्त हुआ व 13 जन आधार कार्डों में आवश्यक संशोधन किए गए। कृषि विभाग द्वारा किसानों को 46 मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) वितरित किए गए।

ये कार्य भी हुए: इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा पॉलिसी की जानकारी देने के साथ ही 25 पशुपालकों को मंगला पशु बीमा पॉलिसी दी गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 8 नए पंजीकरण किए गए। यूनानी चिकित्सा विभाग द्वारा 89 रोगियों व आयुर्वेद विभाग द्वारा 50 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श दिया गया। परिवहन विभाग द्वारा 6 लाभार्थियों को स्मार्ट कार्ड पंजीकरण की सुविधा दी गई। प्रधानमंत्री जनधन खाता योजना के अंतर्गत 3 लाभार्थियों के नए बैंक खाते खोले गए। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा शिविर में ‘कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम‘ का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने के कार्य भी हाथ के हाथ किए गए।


