केकड़ी, 21 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को नगर पालिका रंगमंच पर उपखण्ड स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई ने भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एसडीएम सुरेश कुमार बलाई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील व नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी केंद्र प्रसाद शर्मा का आयुष विभाग एवं पतंजलि योग समिति द्वारा माल्यार्पण व दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया गया।

सकारात्मक ऊर्जा का होता है संचार: मुख्य अतिथि एसडीएम सुरेश कुमार बलाई ने अपने संबोधन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग मात्र व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने से तन व मन स्वस्थ रहते हैं, मन को शांति मिलती है तथा जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस अवसर पर उन्होंने सुदृढ़ लोकतंत्र के लिए मतदान की शपथ भी दिलाई। नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी केंद्र प्रसाद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र जोशी ने किया। समापन के पश्चात प्रतिभागियों को फलाहार व जूस वितरित किया गया।

इन्होंने करवाया योगाभ्यास: कार्यक्रम के दौरान भारत स्वाभिमान संयोजक सत्यनारायण सोनी व पतंजलि योग समिति प्रभारी जे.पी. सोनी ने उपस्थित साधकों को विभिन्न आसनों, सूक्ष्म व्यायाम व प्राणायाम का अभ्यास करवाया। योगाभ्यास में महिला पतंजलि योग समिति प्रभारी रेखा रिंकू विजय, पूर्व प्रभारी रक्षा विजय, आयुर्वेद कॉलेज के लोकेश धाकड़ व सरिता धाकड़ सहित नन्ही योग साधिका शिवांशी सोनी ने मंच से सहयोग प्रदान किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस सामूहिक योगाभ्यास में साधकों ने मानसिक शांति व सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। नोडल प्रभारी आयुर्वेद विभाग के चिकित्सक डॉ. शिवराम जाट व राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरिराज साहू ने आभार जताया।

न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं ने किया योग: अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर न्यायालय परिसर में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रहलाद मेघवाल व अमरचंद खटीक ने न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों व अधिवक्ताओं को योगासनों का अभ्यास करवाया। इस अवसर पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश व अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या एक) आशीष बैंदाडा ने कहा कि लगातार घंटों बैठकर न्यायिक कार्य करने से शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। योग के सूक्ष्म व्यायाम व प्राणायाम रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के साथ मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। शांत मन से ही हम वादियों व प्रतिवादियों की बात को धैर्यपूर्वक सुनकर न्याय के सिद्धांतों को अक्षरशः लागू कर सकते हैं, इसलिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

वर्तमान में जीना सिखाता है ध्यान: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश व अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या दो) बीना मीना ने कहा कि आज की भागदौड़ व तनाव भरी जिंदगी में योग ब्लड प्रेशर व डायबिटीज जैसी बीमारियों के खिलाफ एक अचूक औषधि है। ध्यान हमें वर्तमान में जीना सिखाता है। समापन पर प्रहलाद मेघवाल ने सभी से प्रतिदिन 20 मिनट योग करने का अनुरोध किया। इस दौरान अभिभाषक संघ अध्यक्ष सीताराम कुमावत सहित कई अधिवक्ता व न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी में भी सामूहिक योगाभ्यास: यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी में प्राचार्य डॉ. पुनीत आर शाह के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक डॉ. लोकेश धाकड़ ने किया। उन्होंने महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, चिकित्सालय स्टाफ व बी.एच.एम.एस. के विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम व ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। योग प्रशिक्षक ने योग के शारीरिक, मानसिक व सामाजिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों को समझाते हुए तनाव प्रबंधन, एकाग्रता वृद्धि व रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया। अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने योग प्रशिक्षक डॉ. लोकेश धाकड़ का आभार व्यक्त किया।


