केकड़ी, 20 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सेना व सुरक्षा बलों के नाम पर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों ने एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी को अपना शिकार बनाया है। बदमाशों ने सीआरपीएफ का जवान व आर्मी का कर्नल बनकर गाड़ी किराए पर ली और एडवांस पेमेंट भेजने के बहाने क्यूआर कोड (स्कैनर) भेजकर व्यवसायी व उसके चालक के खातों से हजारों रुपए पार कर लिए। पीड़ित ने मामले को लेकर साइबर पोर्टल एवं केकड़ी शहर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी पीड़ित ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 17 जून को उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को सीआरपीएफ अजमेर का जवान बताया और अजमेर जीसी-1 से रायपुर (छत्तीसगढ़) दूध का पाउडर पहुंचाने के लिए गाड़ी मांगी। दोनों के बीच 88,200 रुपए में भाड़ा तय हुआ। तय सौदे के अनुसार व्यवसायी ने 19 जून की रात को अपनी गाड़ी संख्या बताई गई लोकेशन पर भेज दी।

पेमेंट के लिए भेजा ‘इण्डियन आर्मी‘ का स्कैनर: 20 जून की सुबह व्यवसायी ने जब भाड़े की राशि मांगी, तो आरोपी ने कहा कि पेमेंट हमारे उच्चाधिकारी कर्नल प्रवीण कुमार करेंगे। इसके कुछ ही देर बाद दूसरे नंबर से फोन आया, जिसने अपना नाम कर्नल प्रवीण कुमार बताया। उसने कहा कि केंद्र सरकार का पेमेंट सिस्टम अलग होता है और उसने व्यवसायी को ‘इण्डियन आर्मी‘ के नाम से एक क्यूआर कोड (स्कैनर) भेजा। जैसे ही व्यवसायी ने कर्नल के कहे अनुसार स्टेप्स फॉलो किए, उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से तीन बार में 20-20 हजार करके कुल 60,000 रुपए कट गए। जब पीड़ित ने पैसे कटने का विरोध किया, तो आरोपी ने थोड़ी देर में पैसे वापस आने का झांसा देकर फोन काट दिया। इसके बाद से ही आरोपियों के नंबर स्विच ऑफ आ रहे है।

शातिरों ने गाड़ी के ड्राइवर को भी नहीं बख्शा, ठगे 20 हजार: ठगी का यह खेल यहीं नहीं रुका। जब व्यवसायी अपने पैसे कटने से परेशान था, तभी मौके पर मौजूद उनकी गाड़ी के ड्राइवर का फोन आया। ड्राइवर ने बताया कि कर्नल प्रवीण कुमार ने उसे भी झांसे में लिया और ‘इण्डियन आर्मी‘ का स्कैनर भेजकर उसके खाते से भी 20,000 रुपए साफ कर दिए। पीड़ित ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ने पुलिस से आरोपियों के मोबाइल नंबर व संबंधित यूपीआई आईडी को फ्रीज करवाकर कानूनी कार्यवाही करने एवं राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

