केकड़ी, 23 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): महेश नवमी के अवसर पर मंगलवार को माहेश्वरी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ गौरी शंकर महादेव मंदिर माहेश्वरी भवन (पुरानी केकड़ी) से हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महेश वाटिका स्थित पूर्णेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में समाज की मातृशक्ति, युवा मंडल, नवयुवक मंडल, वरिष्ठजन व बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने उत्साह व श्रद्धा के साथ सहभागिता की। शोभायात्रा के दौरान भगवान श्री महेश के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय व उल्लासमय बना रहा।

अमरनाथ बर्फानी बाबा की झांकी रही विशेष आकर्षण: इस वर्ष की शोभायात्रा का विशेष आकर्षण माहेश्वरी नवयुवक मंडल द्वारा तैयार की गई भव्य झांकियां व उत्कृष्ट व्यवस्थाएं रहीं। नवयुवक मंडल के युवाओं ने कई दिनों के अथक परिश्रम से भगवान शिव-पार्वती की दिव्य झांकी तथा अमरनाथ बर्फानी बाबा की अद्भुत व सजीव झांकी को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया। झांकियों की भव्य सजावट व आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। नगरवासियों ने झांकियों के दर्शन कर युवाओं के समर्पण व रचनात्मकता की मुक्त कंठ से सराहना की।

जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा व जलपान से स्वागत: शोभायात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाज बंधुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्थाएं की गई। समाज के अनेक परिवारों व समाजसेवियों ने जलपान की व्यवस्था कर शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत-सत्कार किया। माहेश्वरी प्रगति मंडल द्वारा भी शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत कर जलपान की व्यवस्था की गई। महेश नवमी संयोजक छीतरमल न्याती ने शोभायात्रा की ऐतिहासिक सफलता पर समस्त समाज बंधुओं, मातृशक्ति, माहेश्वरी नवयुवक मंडल, माहेश्वरी प्रगति मंडल व सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

सहयोग के लिए जताया आभार: माहेश्वरी नवयुवक मंडल अध्यक्ष रामकिशोर बियानी व सचिव रौनक सोमानी ने भी शोभायात्रा की सफलता पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के सहयोग से यह भव्य शोभायात्रा ऐतिहासिक बन सकी। उन्होंने झांकी निर्माण व व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कार, संगठन व पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। शोभायात्रा के समापन पर महेश वाटिका में समारोह का आयोजन हुआ। इसके बाद आयोजित विशाल महाप्रसादी में बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने प्रसादी ग्रहण की।


