केकड़ी, 29 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): प्रत्येक माह की 28 तारीख को जिला बहाली के लिए किए जाने वाले प्रदर्शन के क्रम में सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में अधिवक्ताओं व स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2023 में भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या व दूरी को ध्यान में रखते हुए केकड़ी को जिला घोषित किया गया था। जिला बनने से यहां जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों व न्यायिक अदालतों की स्थापना हुई थी, जिससे आमजन को अपनी समस्याओं के निस्तारण में बड़ी राहत मिल रही थी। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा इसे पुनः जिला सूची से हटा देने के कारण क्षेत्रवासियों को गहरा आघात लगा है।

150 किमी दूर जाने की मजबूरी: अधिवक्ताओं ने बताया कि जिला दर्जा समाप्त होने से अब ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों, राजस्व मामलों, गंभीर बीमारियों के इलाज व जिला परिषद से जुड़े कार्यों के लिए करीब 150 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। इससे आम जनता का समय, श्रम व धन का भारी अपव्यय हो रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि इस क्षेत्र से मार्बल उद्योग, कृषि मंडी व ग्रेनाइट उत्पादन के माध्यम से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।

बाधित हो रहा है विकास: केकड़ी के जिला बनने से केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रहा था, जो अब बाधित हो रहा है। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीताराम कुमावत, महासचिव समकित जैन, अधिवक्ता मनोज आहूजा, हेमंत जैन, भूपेन्द्र सिंह राठौड़, सुरेन्द्र सिंह राठौड़, परवेज नकवी, चेतन धाबाई, द्वारका प्रसाद पंचोली, मुकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता व प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

