Homeसमाजनेमीनाथ मंदिर में गूंजे जिनेन्द्र देव के जयकारे, मुनि प्रज्ञान सागर बोले-...

नेमीनाथ मंदिर में गूंजे जिनेन्द्र देव के जयकारे, मुनि प्रज्ञान सागर बोले- दूसरों के प्रति बुरी सोच व व्यवहार ही दुखों का मुख्य कारण

केकड़ी, 01 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): आचार्य विनश्चय महाराज के सुशिष्य श्रमण मुनि प्रज्ञान सागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक प्राणी जीवन में सुख-शांति चाहता है, लेकिन वह कार्य सुख-शांति वाले नहीं करता। मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही परिणाम भुगतना पड़ता है। वे बोहरा कॉलोनी स्थित नेमिनाथ मन्दिर में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मानव अक्सर यह सोचता है कि उसके साथ बुरा क्यों होता है, लेकिन दूसरों के प्रति बुरी सोच रखना, बुरा बोलना या बुरा व्यवहार करना ही उसके दुखों का मुख्य कारण और परिणाम है। मर्यादा में रहने वाला व्यक्ति सदा प्रसन्न रहता है व निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर रहता है। इसके विपरीत, मर्यादा विरुद्ध सोच व वाणी मनुष्य को मानसिक रूप से परेशान कर देती है व इससे आपसी रिश्तों में भी दरार आ जाती है।

प्रभु स्मरण से टल जाती हैं भयंकर विपत्तियां: धर्मसभा में ससंघ मुनि प्रसिद्ध सागर महाराज ने मानतुंगाचार्य रचित भक्तामर स्तोत्र के माध्यम से प्रभु भक्ति का गुणानुवाद किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक पिता अपने पुत्रों की परवरिश आदि में अपना समय व्यतीत करता है, ठीक उसी प्रकार यदि कोई भव्य जीव किसी भी दिगंबर साधु की सेवा पूरे मनोयोग से करता है, तो उसका जीवन धन्य हो जाता है। भगवान के नाम मात्र के स्मरण से भयंकर से भयंकर विपत्ति से बचा जा सकता है। जीवन में कितनी भी प्रतिकूलताएं आ जाएं, मनुष्य को प्रभु का स्मरण व जप कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

मुनि प्रज्ञान सागर ने किया केशलोच: मीडिया प्रभारी रमेश बंसल ने बताया कि धर्मसभा के दौरान मुनि प्रज्ञान सागर महाराज ने जड़-चेतन के भेद को स्पष्ट करते हुए स्वयं अपने हाथों से केशलोच की क्रिया संपन्न की। मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों के तहत जिनेंद्र देव के स्वर्ण कलश का सौभाग्य भागचंद, ज्ञानचंद, जैन कुमार, विनय भगत परिवार सावर को प्राप्त हुआ। वहीं मुख्य शांतिधारा करने का सौभाग्य विनय कुमार, विनोद पाटनी परिवार ने प्राप्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे। समाज के दिलीप जैन ने बताया कि घंटाघर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में केकड़ी गौरव बालाचार्य निपुण नंदी महाराज ससंघ विराजमान हैं।

RELATED ARTICLES