केकड़ी, 07 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): मिश्रीलाल दुबे उच्च माध्यमिक अकादमी (एम.एल.डी.) में मंगलवार को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला न्यायालय अधिकारी (एडीजे-01) जयमाला पानीगर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अध्यक्षता संस्थान सचिव चन्द प्रकाश दुबे ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व माल्यार्पण के साथ किया गया। प्रधानाचार्या संगीता कुमावत ने मुख्य अतिथि का तिलक, माला, शॉल व श्रीफल भेंट कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि एडीजे जयमाला पानीगर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार व समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कानून की दृष्टि से नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों की जानकारी दी व प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

ड्रग्स को कहें ना व सपनों को कहें हां: एडीजे जयमाला पानीगर ने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि कोई नशा ऑफर करे तो साफ शब्दों में ना कहें, तुरंत वहां से हट जाएं व सुरक्षित मित्रों के साथ रहें, क्योंकि बहादुरी नशा करने में नहीं बल्कि उसे ठुकराने में है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाते हुए कहा, “हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य व सम्मान का अधिकार है। नशा सफलता का नहीं, विनाश का रास्ता है। समझदार बच्चा अपने सपनों को चुनता है, नशे को नहीं। नशा नहीं, स्वस्थ जीवन चुनें। ड्रग्स को ‘ना‘ कहें व अपने सपनों को ‘हां‘ कहें।”

गलत संगति व तनाव बनते हैं नशे का कारण: संस्थान सचिव चंद्र प्रकाश दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशीले पदार्थ अनेक रूपों में मिलते हैं, जिनमें गांजा, ब्राउन शुगर, कोकीन, तंबाकू उत्पाद व विभिन्न प्रकार की दवाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अनेक बच्चे गलत संगति, साथियों के दबाव, जिज्ञासा, पारिवारिक तनाव व सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव के कारण नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि नशा ऐसा जाल है जो स्वास्थ्य, पढ़ाई, पारिवारिक संबंधों व उज्ज्वल भविष्य को नष्ट कर देता है, इसलिए सभी को इससे दूर रहकर अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

कहानी व गीत से किया प्रेरित: इस मौके पर सुनीता पारीक ने प्रेरक कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया। वहीं मुरलीधर बारेठ ने अपनी मधुर आवाज में “नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो” विषय पर प्रेरक गीत प्रस्तुत किया। छात्र संजय सेन व छात्रा साक्षी चौधरी ने भी नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन सुनीता पारीक ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के राजेंद्र कुमार जांगिड़, विकास सिंह शक्तावत, मनोज कुमार वर्मा, अमन पारीक, सुरेश खारोल, अचिलेश प्रजापति, रामराज कुम्हार, प्रगति जोशी, भावना दवे व ममता कंवर सहित कई शिक्षकगण व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

