केकड़ी, 16 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): कोटा रोड पर बुधवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में घायल बाइक सवार 20 वर्षीय युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि घायल चाचा का उपचार जारी है। हादसे के बाद क्षेत्र में कोहराम मच गया। पुलिस ने दुर्घटना कारित करने वाले ट्रेलर को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धून्धरी निवासी दुर्गेश कुमावत (20) पुत्र मुकेश कुमावत अपने चाचा रामफूल कुमावत पुत्र हरजी कुमावत के साथ बाइक से मकान निर्माण के लिए कांच खरीदने आए थे। सामान खरीदकर जब दोनों वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी कोटा रोड स्थित हरिओम एग्रो के सामने पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सहित सड़क पर गिरकर लहुलूहान हो गए।

उपचार के दौरान तोड़ा दम: हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल राजकीय जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया। भीलवाड़ा से जयपुर ले जाते समय दुर्गेश कुमावत ने दम तोड़ दिया, वहीं चाचा रामफूल कुमावत का इलाज जारी है। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस के एएसआई संपत राज मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे व घटनास्थल का मुआयना कर ट्रेलर को जब्त किया। मृतक दुर्गेश दो भाइयों में से एक था और घर में चल रहे नए मकान के काम के लिए ही कांच लेने आया था। गुरुवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।

शहर के बीच दौड़ते भारी वाहन बन रहे काल: शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले मार्ग पर भारी वाहनों की बेधड़क आवाजाही लगातार हादसों का सबब बन रही है। बाईपास की सुविधा होने के बावजूद ट्रेलर व अन्य भारी वाहन भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों से होकर गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं होने से ये भारी वाहन बेखौफ होकर शहर में प्रवेश करते हैं। हालांकि इस दर्दनाक हादसे के बाद हरकत में आई पुलिस ने शहर के मुख्य चौराहों पर बैरिकेडिंग लगाकर नो-एंट्री की व्यवस्था शुरू की है।

अतिक्रमण से सिमट रहा मार्ग: मार्ग पर दुकानदारों द्वारा किए गए अस्थाई व स्थाई अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई बेहद कम हो गई है। कहने को तो यह फोरलेन मार्ग है, लेकिन दोनों तरफ फैले अतिक्रमण के कारण यह टू-लेन जैसा नजर आता है। संकरे हो चुके रास्ते पर भारी वाहनों व दोपहिया चालकों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं रह पाती, जिससे अक्सर बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर भारी वाहनों को बाईपास से ही गुजारा जाए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों पर अंकुश लग सके।

